रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : पाटी:ठंड मे बच्चे पढ़ने पहुंचे स्कूल मास्टर नदारद । नौनिहालों के भविष्य से खिलवाड़।
Laxman Singh Bisht
Thu, Jan 22, 2026
ठंड मे बच्चे पढ़ने पहुंचे स्कूल मास्टर नदारद । नौनिहालों के भविष्य से खिलवाड़।
चम्पावत जिले के पाटी विकासखंड के राजकीय प्राथमिक विद्यालय पीपलढींग से एक संवेदनशील मामला सामने आया है । जहां आज 22 जनवरी को जब बच्चे स्कूल पहुंचे तो शिक्षक नदारद मिले काफी देर तक बच्चे अपने गुरुजनों का आने का इंतजार करते रहे। जिसके बाद बच्चों ने स्कूल में उधम मचाना शुरू कर दिया । इसकी सूचना जब ग्रामीणों को मिली तो उन्होंने स्कूल में जाकर उधम काट रहे छोटे बच्चों को शांत करवाया । बच्चों के भविष्य के साथ हो रहे इस खिलवाड़ पर ग्रामीणों ने गहरी नाराजगी जताते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है ग्रामीणों ने कहा इस विद्यालय के शिक्षक नोनिहालों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं । कहा उत्तराखंड में लगातार सरकारी विद्यालयों में ताले लटक रहे हैं , जिसका मुख्य कारण ऐसी ही लापरवाही को माना जा रहा है । लगातार बच्चों के भविष्य से हो रहे खिलवाड़ को देखकर अब अभिभावकों को सरकारी स्कूलों की व्यवस्था पर विश्वास नहीं हो रहा है । हजारों रुपए तनख्वाह लेने के बाद भी इस प्रकार के शिक्षक अपनी जिम्मेदारी भूलकर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे है यह कितना सही है ।
सामाजिक कार्यकर्ता सूरज विश्वकर्मा ने बताया - अभिभावकों द्वारा सूचना मिलने के बाद जब विद्यालय पहुंचे तो प्राथमिक विद्यालय पीपलढिंग में कोई अध्यापक नहीं था ।जिससे विद्यालय के बच्चों का पठन-पाठन बाधित हो रहा है जो बहुत चिंताजनक है । सरकारी विद्यालयों में अगर इस तरह से लचर व्यवस्थाएं चलेंगी तो गरीब मध्यम वर्गीय बच्चों की शिक्षा बाधित होगी । सूरज विश्वकर्मा ने कहा - क्या शिक्षा विभाग की यही मंशा है कि , गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षा से वंचित किया जाय । मालूम हो राजकीय प्राथमिक विद्यालय पीपलढींग का ये पहला मामला नहीं है , बल्कि इससे पहले भी यहां शिक्षक स्कूल से नदारद मिले हैं । सबसे बड़ा सवाल यही है कि , आखिर इस विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के भविष्य को अंधकार की ओर क्यों धकेला जा रहा है ।विद्यालय से शिक्षक नदारद होने पर उप शिक्षा अधिकारी संजय भट्ट ने कहा शिक्षक विद्यालय से नदारद हैं उनके द्वारा कोई अवकाश स्वीकृत नहीं कराया गया है । बिना अनुमति के विद्यालय से गायब होने पर उप शिक्षा अधिकारी ने कहा , शिक्षक से स्पष्टीकरण लिया जाएगा और वेतन रोकने की कार्यवाही भी की जाएगी । लेकिन अब भी सबसे बड़ा सवाल यही है , कि आखिर राजकीय प्राथमिक विद्यालय पीपलढींग को शिक्षकों द्वारा हल्के में क्यों लिया जा रहा है ? क्योंकि इससे पहले भी यहां शिक्षक नदारद होने का मामला सामने आया था । क्या गरीब परिवारों के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ ऐसे ही होता रहेगा या फिर इस पर विभागीय कार्रवाई के बाद रोक लग पाएगी ।