रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट:25 साल बाद भी प्रेम नगर वासी प्यासे जेजेएम पड़ा अधूरा डीएम से लगाई गुहार।
Laxman Singh Bisht
Thu, Jan 22, 2026
25 साल बाद भी प्रेम नगर वासी प्यासे जेजेएम पड़ा अधूरा डीएम से लगाई गुहार।
25 सालों से कर रहे हैं संघर्ष डीएम के आश्वासन के बाद जगी आस।
चंपावत जिले के लोहाघाट के प्रेम नगर पाटन क्षेत्र मे पिछले 25 वर्षों से पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है। प्रेम नगर वासी इस मामले को कई बार शासन प्रशासन व जल संस्थान के अधिकारियों के सामने रख चुके हैं। कई बार आंदोलन कर चुके पर उसके बावजूद भी 25 वर्ष बीत जाने के बाद भी प्रेम नगर के निवासियों के लिए प्रशासन व जल संस्थान के द्वारा पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। प्रेम नगर के लोगों का कहना है पिछले बार उन्हें प्रशासन के अधिकारियों के द्वारा उनकी समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया गया जो आज तक पूरा नहीं हो पाया है। जल जीवन मिशन योजना अधूरी पड़ी हुई है।उन्होंने कहा पेयजल के लिए प्रेम नगर क्षेत्र को काफी दिक्कतों का सामना पिछले 25 वर्षों से करना पड़ रहा है। आज पेयजल की विकट समस्या को लेकर प्रेम नगर के वासियों ने क्षेत्र पंचायत सदस्य शोबन बोरा (पप्पू )के नेतृत्व में डीएम चंपावत मनीष कुमार से मुलाकात की तथा उन्हें अपनी पेयजल से संबंधित गंभीर समस्या को बताया तथा समाधान की मांग की। मामले में जिलाधिकारी चंपावत मनीष कुमार ने गहरी नाराजगी जताते हुए जल संस्थान के अधिकारियों से मामले की जानकारी लेते हुए जल्द से जल्द अधूरी पड़ी योजना का निर्माण कर प्रेम नगर वासियों को पेयजल उपलब्ध कराने के कड़े निर्देश दिए जिलाधिकारी ने प्रेम नगर वासियों को जल्द समस्या के समाधान का आश्वासन दिया।
प्रेम नगर वासियों का कहना है पिछले 25 वर्षों से वह पेयजल की मांग कर रहे हैं पर कोई उनकी सुनने को तैयार नहीं है। जबकि यह लोहाघाट क्षेत्र का प्रमुख कस्बा है। उन्होंने शासन प्रशासन से जल्द से जल्द जल जीवन मिशन योजना को पूर्ण कर उन्हें पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है अगर इस बार उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया तो समस्त प्रेम नगर वासी उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी। इस दौरान पूर्व ग्राम प्रधान पाटन सुभाष विश्वकर्मा, सुरेश जोशी, लालमणि खर्कवाल, हयात सिंह, के 0बी0 पाण्डे, जगदीश गरकोटि, भूपेश देव ताऊ, हरीश अधिकारी, कैलाश गिरी, उर्बादत्त जोशी, बची राम गरकोटि , सुरेश गरकोटि, मोहन पाटनी आदि मौजूद रहे।