रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : सहकारिता में चम्पावत का ऐतिहासिक कीर्तिमान पैक्स कंप्यूटराइजेशन में बना प्रदेश का नंबर-1 जिला
Laxman Singh Bisht
Sat, Dec 27, 2025
सहकारिता में चम्पावत का ऐतिहासिक कीर्तिमान पैक्स कंप्यूटराइजेशन में बना प्रदेश का नंबर-1 जिला
जिलाधिकारी ने की सराहना।
चम्पावत। जनपद चम्पावत ने सहकारिता के क्षेत्र में डिजिटल क्रांति की ओर बड़े कदम बढ़ाते हुए पैक्स (PACS) कंप्यूटराइजेशन कार्य में उत्तराखंड राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बावजूद, जिला प्रशासन और सहकारिता विभाग के आपसी समन्वय से चम्पावत ने ई-गवर्नेंस की दिशा में यह गौरवपूर्ण मुकाम हासिल किया है।इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी चम्पावत ने कहा: पैक्स "PACS का पूर्ण कंप्यूटराइजेशन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। यह उपलब्धि हमारी पूरी टीम के कठिन परिश्रम और शासन के मार्गदर्शन का परिणाम है। अब हमारे किसानों को बैंकिंग सुविधाओं के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और समितियों के कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। हमारा लक्ष्य जनपद की प्रत्येक सहकारी समिति को आधुनिक और किसान-हितैषी बनाना है।"रणनीतिक मार्गदर्शन और सामूहिक प्रयास है।इस सफलता की नींव सचिव सहकारिता, उत्तराखंड शासन, डॉ. वी.बी.आर.सी.पी. पुरुषोत्तम द्वारा दिए गए रणनीतिक निर्देशों और जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली डीएलएमआईसी(DLMIC) द्वारा की गई निरंतर समीक्षा से पड़ी। मुख्य विकास अधिकारी डॉक्टर जी0 एस0 खाती के प्रशासनिक मार्गदर्शन और राज्य नोडल अधिकारी के तकनीकी सहयोग ने इस जटिल प्रक्रिया को सुलभ बनाया।
(टीम वर्क की बनी मिसाल)
अभियान को सफल बनाने में जनपद के नोडल अधिकारी संयुक्त निबंधक सहकारिता विभाग उत्तराखंड मंगला प्रसाद त्रिपाठी की विशेष रणनीति के तहत जनपद चम्पावत का एक वार के माध्यम से संचालित कर निरंतर निगरानी एवं अथक प्रयास तथा जिला सहकारी बैंक, निबंधन विभाग और तकनीकी टीम ने अभूतपूर्व एकता का परिचय दिया। विशेष रूप से डेटा एंट्री ऑपरेटरों, वार रूम सहयोगी समिति सचिव महेश बोहरा। पीयूष जोशी एवं कैशियर भूपेंद्र बिष्ट का योगदान सराहनीय रहा, जिन्होंने डेटा माइग्रेशन और जी.एल. मैपिंग जैसे कार्यों को मिशन मोड में पूर्ण किया।
डिजिटल सशक्तिकरण निबंधक सहकारी समितियां, एम पैक्स उत्तराखंड डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट के कुशल मार्गदर्शन में वर्ष 2024-25 के ई-ऑडिट में जनपद की 23 में से 21एम पैक्स (MPACS )का कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुका है। वर्तमान में ये समितियां 'डायनेमिक डे-एंड' सुविधा के साथ पूर्णतःई पैक्स('e-PACS' )के रूप में संचालित होकर प्रदेश में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।