रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : चंपावत:कलश संगीत कला समिति की वार्षिक संगीत प्रतियोगिता का समापन विजेताओं को किया गया सम्मानित
Laxman Singh Bisht
Mon, Jun 22, 2026
कलश संगीत कला समिति की वार्षिक संगीत प्रतियोगिता का समापन विजेताओं को किया गया सम्मानित

चम्पावत, 22 जून। कलश संगीत कला समिति, चम्पावत के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय वार्षिक संगीत प्रतियोगिता का भव्य समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह उत्साह एवं गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ। प्रतियोगिता में जनपद सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने प्रतिभाग कर अपनी संगीत प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के अंतिम दिवस पर आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में प्रतिभागियों, अभिभावकों एवं संगीत प्रेमियों की भारी उपस्थिति रही।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे रहे। उन्होंने विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान करते हुए कहा कि संगीत भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। इस प्रकार की प्रतियोगिताएं युवा पीढ़ी को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें संस्कृति एवं संस्कारों से भी जोड़ती हैं।

उन्होंने कलश संगीत कला समिति द्वारा क्षेत्र में किए जा रहे संगीत एवं सांस्कृतिक उत्थान के कार्यों की सराहना करते हुए भविष्य में भी हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. श्याम सिंह कार्की, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह विभाग प्रचारक जितेन्द्र जी तथा शंकर जोशी उपस्थित रहे। अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि संगीत साधना आत्मिक विकास का माध्यम है तथा ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक वातावरण के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्रतियोगिता के दौरान सुगम संगीत, शास्त्रीय गायन, उप शास्त्रीय गायन एवं शास्त्रीय वादन की विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। निर्णायक मंडल द्वारा प्रतिभागियों का मूल्यांकन स्वर, ताल, लय, प्रस्तुति एवं तकनीकी दक्षता के आधार पर किया गया।
प्रतियोगिता के परिणाम
प्राथमिक वर्ग – शास्त्रीय वादन
* प्रथम : आयुष खर्कवाल
* द्वितीय : राज माहरा
* तृतीय : कार्तिकेय पंत एवं निकुंज तिवारी

प्राथमिक वर्ग – शास्त्रीय गायन
* प्रथम : पारस रावत
* द्वितीय : देवांश माहरा
* तृतीय : अरनव रावत
प्राथमिक वर्ग – सुगम संगीत गायन
* प्रथम : राघव सिंह
* द्वितीय : प्रियाल बोहरा
* तृतीय : आयुष खर्कवाल
जूनियर वर्ग – शास्त्रीय वादन
* प्रथम : मयंक सामंत
* द्वितीय : कार्तिक नुरियाल
* तृतीय : ह्रयान वर्मा
जूनियर वर्ग – शास्त्रीय गायन
* प्रथम : शशांक जोशी
* द्वितीय : मयंक नाथ
* तृतीय : दिव्यांशी खर्कवाल
* सांत्वना पुरस्कार : दिवेश पाण्डेय

जूनियर वर्ग – उप शास्त्रीय गायन
* प्रथम : हृदयेश पंत
* द्वितीय : शशांक जोशी
* तृतीय : लक्षिता गौरवासी
सीनियर वर्ग – शास्त्रीय गायन
* प्रथम : अजनेश जोशी
* द्वितीय : वर्षिका जोशी
सीनियर वर्ग – उप शास्त्रीय गायन
* विशेष सम्मान : मोहित पाण्डेय
सीनियर वर्ग – शास्त्रीय वादन
* प्रथम : अर्नव सिंह गुंसाई
* द्वितीय : नमन भट्ट
* तृतीय : अंशुमान सिंह
पुरस्कार वितरण समारोह में विजेता प्रतिभागियों को ट्रॉफी, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों एवं उनके अभिभावकों में विशेष उत्साह देखने को मिला। उपस्थित दर्शकों ने विजेताओं का तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया।कार्यक्रम संचालन डॉ. बी. सी. जोशी द्वारा किया गया। उन्होंने प्रतियोगिता के उद्देश्य तथा संगीत शिक्षा एवं सांस्कृतिक संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला।कार्यक्रम के सफल आयोजन में कलश संगीत कला समिति के अध्यक्ष हिमेश कलखुड़िया के नेतृत्व में समिति के सभी सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजन को सफल बनाने में प्रेम बल्लभ भट्ट, गिरीश पंत, दिनेश बिष्ट, महेश जोशी, नवीन पंत, नवीन चंद्र कोठारी, जनार्दन चिलकोटी, राजेंद्र गहतोड़ी, सागर मौनी, संतोष पांडेय, नीरज जोशी सहित अन्य सदस्यों का विशेष सहयोग रहा। वहीं कंचन, हर्षित, ध्रुव तथा एम. आयुष ने मंच व्यवस्था, अतिथि सत्कार एवं कार्यक्रम संचालन संबंधी व्यवस्थाओं में सक्रिय योगदान प्रदान किया।अंत में समिति के अध्यक्ष हिमेश कलखुड़िया ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, निर्णायक मंडल, प्रतिभागियों, अभिभावकों, सहयोगियों एवं समस्त संगीत प्रेमियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समिति का उद्देश्य क्षेत्र की संगीत प्रतिभाओं को एक सशक्त मंच प्रदान करना है, जिससे वे अपनी कला को निखारकर प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजनों को और अधिक व्यापक स्वरूप में आयोजित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। प्रतियोगिता के सफल आयोजन ने जनपद में संगीत एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को नई ऊर्जा प्रदान की तथा युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।