रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : चंपावत: संस्कृत भाषा संस्कृति और संस्कारों की है ध्वजवाहक।
Laxman Singh Bisht
Fri, Nov 14, 2025
.संस्कृत भाषा संस्कृति और संस्कारों की है ध्वजवाहक।
संस्कृत को जन-जन तक पहुंचाने का लिया संकल्प।
चंपावत। उत्तराखंड संस्कृत अकादमी द्वारा आयोजित विकास खंड स्तरीय संस्कृत प्रतियोगिता की कनिष्ठ वर्ग प्रतियोगिताओं का शुभारंभ मुख्य अतिथि माधो सिंह बोहरा, बीईओ घनश्याम भट्ट, स्थल संयोजिका राखी सक्सेना, डॉ अवनीश शर्मा, चंद्रशेखर जोशी द्वारा किया गया। बीईओ घनश्याम भट्ट ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि हमें आधुनिक युग में संस्कृत भाषा को जन सामान्य की भाषा बनाने के लिए धरातल पर कार्य करना होगा। खंड संयोजक राजू शंकर जोशी तथा पूर्व खंड संयोजक भगवान जोशी ने सभी अतिथियों का भावपूर्ण स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन राजू शंकर जोशी तथा प्रकाश चन्द्र उपाध्याय ने किया।
जनपद संयोजक वेद प्रकाश पंत ने कहा कि इन प्रतियोगिताओं से संस्कृत भाषा को बढ़ावा मिल रहा है। इसके लिए संस्कृत अकादमी की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। राजू शंकर जोशी ने बताया कि प्रथम दिवस में कनिष्ठ वर्ग में श्लोकोच्चारण, आशुभाषण, संस्कृत नाटक, समूह गान, समूह नृत्य, संस्कृत वाद विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। बच्चों द्वारा संस्कृत प्रतियोगिता में कार्यक्रमों का इतना भव्य प्रदर्शन किया जा रहा है कि निर्णायकों को भी निर्णय देने में अत्यधिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
निर्णायक तथा अभिलेखीकरण में डॉ अवनीश शर्मा, देवकी देवी, दिनेश जोशी, विपिन चन्द्र, पूजा बिष्ट,भगवती प्रसाद, प्रकाश चन्द्र उपाध्याय, हरिहर भट्ट, नीता लोहनी, लीला कांडपाल, रेणुका बिष्ट, हेम चंद्र पाण्डेय ने उल्लेखनीय योगदान दिया।