रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : चंपावत:आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली संस्थाएं और व्यक्ति राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए करें आवेद
Laxman Singh Bisht
Tue, Jun 16, 2026
आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली संस्थाएं और व्यक्ति राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए करें आवेदन: डीएम

महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग तथा आपदा प्रबन्धन विभाग, उत्तराखण्ड शासन के प्राप्त निर्देशों के क्रम में जिला प्रशासन द्वारा 'सुभाष चन्द्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार' के लिए नामांकन प्रक्रिया को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।जिलाधिकारी चंपावत मनीष कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक वर्ष 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती पर प्रदान किए जाने वाले इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार का उद्देश्य आपदा प्रबन्धन के विभिन्न क्षेत्रों जैसे आपदा रोकथाम, शमन, पूर्व तैयारी, राहत, पुनर्वास, अनुसंधान, नवाचार और क्षमता निर्माण में अनुकरणीय एवं शानदार योगदान देने वाले नायकों को सम्मानित करना है। भारत सरकार के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा संचालित यह पुरस्कार व्यक्तिगत और संस्थागत, दो श्रेणियों में प्रदान किया जाता है, जिसके तहत नेशनल अर्वार्ड्स पोर्टल पर पूरे वर्ष नामांकन की खिड़की खुली रहती है। इस प्रक्रिया में स्वयं के नामांकन के साथ-साथ किसी अन्य योग्य पक्ष (थर्ड पार्टी) को भी नामांकित करने की अनुमति प्रदान की गई है।जिलाधिकारी ने जनपद के सभी विभागीय अधिकारियों, स्थानीय निकायों और संबंधित कार्यालयों को निर्देशित किया है कि वे अपने अधीनस्थ स्तरों पर इस पुरस्कार के संबंध में बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाएं।

आपदा की पूर्व तैयारी, त्वरित बचाव और पुनर्वास कार्यों में अग्रिम पंक्ति में रहकर कार्य करने वाले जनपद-स्तरीय संस्थानों, रिस्पॉन्स टीमों, सामुदायिक पहलों तथा उत्कृष्ट सेवा भाव दिखाने वाले योग्य व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें इस राष्ट्रीय पटल पर नामांकित होने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। जिलाधिकारी ने समस्त कार्यालयाध्यक्षों को इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पुरस्कार के मानदंडों, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत जानकारी को अधिकाधिक जनमानस तक पहुँचाने के लिए सभी संबंधित विभागीय को आधिकारिक वेबसाइटों, विभागीय परिपत्रों और सोशल मीडिया माध्यमों का उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि जनपद में आपदा से निपटने की क्षमता को मजबूत करने वाले हर उत्कृष्ट प्रयास को राष्ट्रीय स्तर पर एक विशिष्ट पहचान मिल सके।
