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रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट 👹👹 : चंपावत:मातृशक्ति की बढ़ती ताकत /समूह की दीदी से गांव की नेता: गीता भट्ट का सफर"

Laxman Singh Bisht

Fri, Aug 8, 2025

"समूह की दीदी से गांव की नेता: गीता भट्ट का सफर"

मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड की महिलाएं कर रही आत्मनिर्भरता का सपना साकारमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड राज्य में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में अभूतपूर्व कदम उठाए जा रहे हैं। विशेष रूप से दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास तेज किए गए हैं। चंपावत जनपद के भिंगराडा ग्राम पंचायत की श्रीमती गीता भट्ट ने इस दिशा में एक प्रेरणादायक मिसाल प्रस्तुत की है।आज महिलाएं केवल स्वयं सहायता समूह (SHG) की अध्यक्ष तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वे लोकतांत्रिक व्यवस्था में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। भिंगराडा की "एडी देवता स्वयं सहायता समूह (SHG)" की अध्यक्ष श्रीमती गीता भट्ट ने खुद को ग्राम प्रधान के रूप में चुने जाने से यह साबित कर दिया है कि महिलाओं में नेतृत्व की क्षमता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी की पूरी क्षमता है।गीता भट्ट का लगातार दूसरी बार ग्राम प्रधान बनना यह सिद्ध करता है कि NRLM जैसी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए बेहद कारगर साबित होता है। इसके अलावा, यह समाज की समर्थन और सम्मान को भी दर्शाता है, जो महिला नेतृत्व को स्वीकार करता है और उसे प्रोत्साहित करता है।ग्राम पंचायत भिंगराडा में चल रही अभिनव योजनाएं, जैसे पिरूल ब्रिकेटिंग यूनिट और जूस उत्पादन यूनिट, महिलाओं की आजीविका को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से महिलाओं को तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि वे न केवल उत्पादन कर सकें, बल्कि उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखते हुए उन्हें बाजार में बेच सकें।इसके साथ ही, जिला प्रशासन द्वारा इन उत्पादों के विपणन के लिए स्थायी विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। समय-समय पर स्थानीय मेलों, प्रदर्शनियों और विभागीय स्टॉलों के माध्यम से इन उत्पादों का प्रचार-प्रसार किया गया है। इन प्रयासों से न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है, बल्कि उनके आत्मविश्वास और सामाजिक स्थिति में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है।ग्राम प्रधान श्रीमती गीता भट्ट का कहना है कि –"NRLM के माध्यम से ग्राम पंचायत में महिलाओं की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। हमारा लक्ष्य है कि अगले पांच वर्षों में ग्राम की प्रत्येक महिला ‘लखपति दीदी योजना’ से जुड़कर आत्मनिर्भर बने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण हेतु चलाए जा रहे प्रयासों को सफल बनाए।"श्रीमती भट्ट ने यह भी बताया कि वर्तमान में दर्जनों महिलाएं SHG के माध्यम से नियमित आय अर्जित कर रही हैं और अपने परिवारों को आर्थिक रूप से सहयोग दे रही हैं। अब गांव की महिलाएं रोजगार के लिए बाहर जाने की बजाय स्थानीय स्तर पर ही आजीविका के अवसरों का सृजन कर रही हैं।राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के अंतर्गत किए जा रहे ये प्रयास न केवल महिला सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहे हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का एक प्रभावी माध्यम भी बन रहे हैं। यह पहल चंपावत जैसे सीमांत जनपद में यह स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि यदि प्रशासनिक सहयोग, मजबूत नेतृत्व और महिला समूहों की इच्छाशक्ति एकजुट हो, तो किसी भी गांव को आत्मनिर्भर बनाना असंभव नहीं है।

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