Tuesday 7th of July 2026

ब्रेकिंग

चंपावत:पशुपालन विभाग और आईटीबीपी के एमओयू से पशुपालक समृद्ध: लोहाघाट में 496 किलो जिंदा बकरियों की आपूर्ति

लोहाघाट:खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई; लोहाघाट और मानेश्वर में विभिन्न दुकानों व फास्ट फूड सेंटरों का औचक निरीक्षण।

चंपावत:ग्राम पंचायतों के उप प्रधान पदों हेतु सामान्य निर्वाचन कार्यक्रम घोषित; 15 जुलाई को ही होगा नामांकन, मतदान और

लोहाघाट:जू0 हा0 फोर्ती में मुख्यमंत्री ज्ञान केंद्र का जिला पंचायत अध्यक्ष ने किया शुभारंभ।

लोहाघाट क्षेत्र के मास्टर प्लान-2041 पर आमजन से मांगे गए सुझाव।

सूचना

रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट : चंपावत:पशुपालन विभाग और आईटीबीपी के एमओयू से पशुपालक समृद्ध: लोहाघाट में 496 किलो जिंदा बकरियों की आपूर्ति

Laxman Singh Bisht

Tue, Jul 7, 2026

पशुपालन विभाग और आईटीबीपी के एमओयू से पशुपालक समृद्ध: लोहाघाट में 496 किलो जिंदा बकरियों की आपूर्ति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के 'लोकल फॉर वोकल' और सीमांत क्षेत्रों के विकास व स्वरोजगार के दूरदर्शी विजन के अनुरूप प्रदेश में विकास अग्रसर है। इसी क्रम में पशुपालन विभाग चंपावत और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के मध्य हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के अंतर्गत स्थानीय पशुपालकों द्वारा आईटीबीपी 36 बटालियन लोहाघाट को 496 किलोग्राम जिंदा बकरियों की सफल व्यावसायिक आपूर्ति (सप्लाई) सुनिश्चित की गई है। स्थानीय उत्पादों को जब देश की रक्षक सेनाओं का साथ मिलेगा, तो सीमांत क्षेत्रों से पलायन रुकेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था बेहद मजबूत होगी।

इस महत्वपूर्ण आपूर्ति को पूरी पारदर्शिता और उच्च मानकों के साथ संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी मनीष कुमार के निर्देशों एवं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वसुंधरा गर्ब्याल के नेतृत्व में पशु चिकित्साधिकारी डॉ. दीपक कुमार द्वारा आपूर्ति की गई सभी बकरियों का मौके पर ही स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिससे सेना को पूर्णतः स्वस्थ और मानक के अनुरूप बकरियां प्राप्त हो सकें।सप्लाई की निष्पक्षता, पारदर्शिता और गुणवत्ता की कड़ाई से जांच करने के लिए आईटीबीपी की लाइन कमेटी के मेंबर्स और विजिलेंस (सतर्कता) विभाग की विशेष टीम भी मौके पर उपस्थित रही। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की इस महत्वाकांक्षी पहल का सीधा लाभ सीमांत क्षेत्र के गरीब और मेहनतकश किसानों की जेब तक पहुँच रहा है। इस आपूर्ति से स्थानीय पशुपालकों को एक लाख अड़तालीस हजार आठ सौ रुपये (1,48,800) की शुद्ध आमदनी प्राप्त हुई है।

शासन, प्रशासन और सेना के इस अनूठे व साझा प्रयास की बदौलत उत्तराखंड के युवाओं और किसानों का रुझान बकरी पालन की ओर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे मुख्यमंत्री जी के 'विकसित उत्तराखंड' और 'आत्मनिर्भर किसान' तथा वोकल फॉर लोकल के सपने को धरातल पर एक नई और मजबूत गति मिल रही है।इस दौरान पशुपालन विभाग के चिकित्सक व कार्मिक तथा आईटीबीपी के अधिकारी व जवान एवं अन्य मौजूद रहे।

जरूरी खबरें