रिपोर्ट लक्ष्मण बिष्ट : चंपावत:मंगलेख में फसल बीमा की राशि को लेकर किसानों में गहरी नाराजगी किया प्रदर्शन डीएम से लगाई गुहार
मंगलेख में फसल बीमा की राशि को लेकर किसानों में गहरी नाराजगी किया प्रदर्शन डीएम से लगाई गुहार
80% चौपट हुई अदरक की खेती बीमा कंपनी ने दिया 11% का बीमा। बीमा कंपनी की कार्यप्रणाली पर किसानों में गहरा आक्रोश।
बीमा कंपनी पर लगाया किसानों के शोषण करने का आरोप मांग पूरी न होने पर खेती छोड़ने की दी चेतावनी।
कर्ज के बोझ तले दबे किसान।
चंपावत जिले के पाटी ब्लॉक के दूरस्थ मंगलेख में किसानों के द्वारा लगाई गई अदरक की खेती इस वर्ष बारिश के चलते बर्बाद हो गई थी।जिस कारण किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा। क्षेत्र के प्रगतिशील किसान कुंदन सिंह तथा अन्य ने बताया क्षेत्र के किसानों के द्वारा सहकारी समिति चौड़ा मेहता से फसली ऋण लेकर अदरक की खेती की गई थी। जिसका सभी किसानों के द्वारा बीमा करवाया गया था पर वर्षा के कारण अदरक की फसल 80% तक बर्बाद हो गई थी। जिसकी पट्टी पटवारी, तहसीलदार कानूनगो तथा कृषि विभाग के द्वारा जांच की गई थी। पर उसके बावजूद भी बीमा कंपनी के द्वारा मात्र 11% प्रतिशत बीमा धनराशि किसानों को दी जा रही है ।जिससे क्षेत्र के सभी किसानो में काफी नाराजगी नाराज है। कुंदन सिंह व क्षेत्र के अन्य किसानों ने जिलाधिकारी चंपावत से किसानो की मदद करने की गुहार लगाते हुए कहा क्षेत्र के किसानों ने कर्ज लेकर अदरक की खेती की थी जो पूरी तरह बर्बाद हो गई है ।उन्होंने जिलाधिकारी से बीमा कंपनी से उचित बीमा दिलाने तथा किसानों को कर्ज के बोझ से उभारने की गुहार लगाई है। किसानों ने कहा बीमा कंपनी किसानों के साथ नाइंसाफी कर रही है जिस कारण किसानों को कर्ज के बोझ तले दबे रहने को मजबूर होना पड़ रहा है ।
उन्होंने कहा अगर किसानो की मदद नहीं की गई तो कई किसान कर्ज के चलते पारंपरिक खेती करना छोड़ देंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी। उन्होंने कहा एक और सरकार किसानों के हितों के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही हैं तो वहीं दूसरी ओर बीमा कंपनियां किसानों का शोषण कर रही हैं। किसानों ने कहा पर्वतीय क्षेत्र में किसान हाड़ तोड़ मेहनत कर जंगली जानवर से अपनी फसलो को बचाते हुए खेती करते हैं किसानों ने कहा उन्हें पूरा विश्वास है जिलाधिकारी उनकी मदद करेंगे। प्रदर्शन करने में कुंदन सिंह ,भगवान सिंह ,मोती सिंह, रामलाल ,विक्रम सिंह ,नारायण राम, दलीप सिंह आदि किसान मौजूद रहे।