रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट : चंपावत:वृद्ध एवं विपन्न कलाकारों व लेखकों के लिए मासिक पेंशन और आय सीमा दोगुनी
Laxman Singh Bisht
Wed, Jul 22, 2026
वृद्ध एवं विपन्न कलाकारों व लेखकों के लिए मासिक पेंशन और आय सीमा दोगुनी

प्रदेश के लोक कलाकारों, साहित्यकारों और वृद्ध व विपन्न संस्कृति कर्मियों को आर्थिक रूप से सबल बनाने के उद्देश्य से शासन स्तर पर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि "उत्तराखंड वृद्ध एवं विपन्न कलाकारों तथा लेखकों को मासिक पेंशन नियमावली, 2010" में अग्रतर संशोधन करते हुए नई नियमावली "उत्तराखंड वृद्ध एवं विपन्न कलाकारों तथा लेखकों को मासिक पेंशन (संशोधन) नियमावली, 2026" को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।जिलाधिकारी ने बताया कि इस नियमावली के लागू होने से राज्य के कलाकारों और लेखकों को मिलने वाली सुविधाओं में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी की गई है।इसके अंतर्गत अब मासिक पेंशन का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक की सभी स्रोतों से अधिकतम आय सीमा को ₹3,000 प्रति माह से बढ़ाकर ₹6,000 प्रति माह कर दिया गया है, जिससे अधिक से अधिक जरूरतमंद कलाकार और लेखक इस योजना की पात्रता श्रेणी में आ सकेंगे।इसके साथ ही योजना के तहत दी जाने वाली मासिक पेंशन की धनराशि को भी सीधे दोगुना कर दिया गया है। अब पात्र वृद्ध व विपन्न कलाकारों एवं लेखकों को प्रति माह ₹3,000 के स्थान पर ₹6,000 की मासिक पेंशन राशि प्रदान की जाएगी। यह धनराशि शुद्ध (नेट) होगी और इस पर अलग से कोई महंगाई भत्ता या अन्य भत्ता देय नहीं होगा।जिलाधिकारी ने बताया कि नियमावली के प्रावधानों के अनुसार यदि किसी समय पेंशन राशि के अतिरिक्त अन्य स्रोतों से पेंशनर की मासिक आय ₹6,000 से अधिक हो जाती है, तो आय में हुई इस वृद्धि की सूचना पेंशनर को तुरंत विभाग को देनी होगी। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि संशोधित नियमावली के आलोक में पात्र कलाकारों व लेखकों तक इस योजना का लाभ पहुंचाना त्वरित रूप से सुनिश्चित करें।