रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : चंपावत:फर्जी विज्ञप्ति के सहारे नियुक्ति पाने के आरोप मुख्य शिक्षा अधिकारी से जांच की मांग।
Laxman Singh Bisht
Fri, Sep 11, 2026
फर्जी विज्ञप्ति के सहारे नियुक्ति पाने के आरोप मुख्य शिक्षा अधिकारी से जांच की मांग।

वर्ष 2009 का है प्रकरण। अशासकीय विद्यालय सरस्वती इंटर कॉलेज आनंदपुरी खटोली का है मामला

मुख्य शिक्षा अधिकारी ने जांच के लिए जांच कमेटी की गठित।

जांच के बाद होगा मामले का खुलासा कौन सही कौन गलत।
चंपावत जिले से एक गंभीर मामला सामने आ रहा है। जहां चंपावत निवासी संदीप पांडे ने जिले के अशासकीय विद्यालय सरस्वती इंटर कॉलेज आनंदपुरी खटोली में शिक्षकों की नियुक्ति में फर्जी विज्ञप्ति एवं फर्जी वाड़े के गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी से जांच और कार्रवाई की मांग की है। मुख्य शिक्षा अधिकारी को भेजे गए शिकायत पत्र में संदीप पांडे ने आरोप लगाए हैं चंपावत जिले के शासकीय विद्यालय सरस्वती इंटर कॉलेज आनंदपुरी खटोली में शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर धांधली ,नियमों का उल्लंघन एवं गंभीर फर्जीवाड़ा किया गया है। जिसमें विद्यालय प्रबंधन समिति द्वारा दावा किया गया था कि शिक्षकों के पदों हेतु 25 अगस्त 2009 को एक विज्ञप्ति समाचार पत्र में प्रकाशित की गई थी इस संबंध में विद्यालय द्वारा जो विज्ञप्ति की समाचार पत्र की प्रति उपलब्ध कराई गई है उसके सत्यापन के संदर्भ में कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं। विद्यालय द्वारा जारी समाचार पत्र की विज्ञप्ति की प्रति उपलब्ध है कराई गई है उस संबंध में संबंधित समाचार पत्र द्वारा स्पष्ट रूप से लिखित में यह कह दिया गया है कि 25 अगस्त 2009 को उनके समाचार पत्र में ऐसी कोई भी विज्ञप्ति प्रकाशित नहीं की गई है। इससे यह पूरी तरह सिद्ध होता है कि विद्यालय प्रबंधन समिति द्वारा समाचार पत्र की कटिंग में हेर फेर व फर्जीवाड़ा करके धोखाधड़ी की नीयत से यह नकली विज्ञप्ति तैयार की गई है जो कि सीधे तौर पर भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं(धारा 420 वह कूट रचना) के तहत गंभीर अपराध है। शिकायती पत्र में पांडे ने यह भी आरोप लगाए हैं फर्जी विज्ञप्ति के आधार पर संपूर्ण चयन प्रक्रिया को अंजाम देकर योग्य अभ्यर्थियों के अधिकारों का हनन किया गया और अपने चहेतो को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से मेरिट व चयन प्रक्रिया में भारी धाधली की गई है। कहां यह मामला केवल विभागीय अनियमितता का ही नहीं बल्कि आपराधिक कूट रचना और धोखाधड़ी का भी है। जिसकी तत्काल गहन जांच होना अत्यंत आवश्यक है। पांडे ने कहा फर्जी दास्तावेजो व फर्जी विज्ञप्ति के आधार पर 25 अगस्त 2009 में विद्यालय में की गई समस्त अवैध नियुक्तियों को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। तथा इस धोखाधड़ी व घोटाले में शामिल विद्यालय प्रबंधन समिति, जिम्मेदार पदाधिकारी एवं अवैध रूप से नियुक्त कर्मियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिक दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए। पांडे ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को चेतावनी देते हुए कहा है पत्र प्राप्त होने के एक सप्ताह के भीतर उक्त प्रकरण पर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करते हुए मुझे लिखित रूप से सूचित किया जाए यदि निर्धारित एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई कर सूचित नहीं किया जाता है तो मुख्य शिक्षा अधिकारी चंपावत के विरुद्ध सक्षम न्यायालय में कानूनी बाद दायर किया जाएगा जिसकी संपूर्ण प्रशासनिक कानूनी एवं वित्तीय जिम्मेदारी स्वयं मुख्य शिक्षा अधिकारी चंपावत की होगी।
(मामले में मुख्य शिक्षा अधिकारी का बयान)
मामले में मुख्य शिक्षा अधिकारी मानसिंह ने जानकारी देते हुए बताया प्रकरण सामने आया है जो वर्ष 2009 का है उन्होंने बताया मामले में जांच कमेटी गठित कर दी गई है तथा संबंधित पक्षों को दस्तावेजों के साथ व सबूत के साथ बुलाया गया है। मुख्य शिक्षा अधिकारी ने बताया जांच कमेटी की जांच और रिपोर्ट के बाद ही मामले में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा मामला काफी पुराना है। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी कि आरोपो में कितनी सच्चाई है। फिलहाल मामले में दोनों पक्ष अपने को सही बता रहे हैं। फिलहाल आरोप काफी गंभीर है।
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