Wednesday 8th of July 2026

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रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट 👹👹 : चंपावत:आदर्श चम्पावत @2030” के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय

Laxman Singh Bisht

Sun, Jul 20, 2025

विकास कार्यों की गति, गुणवत्ता और पारदर्शिता पर ज़ोर – डीएम मनीष कुमार

जनपद चम्पावत को उत्तराखंड का आदर्श जनपद बनाने की दिशा में प्रशासन द्वारा सुनियोजित और चरणबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं। "आदर्श चम्पावत @2030" के अंतर्गत विभिन्न विभागों के माध्यम से संचालित योजनाओं और परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला सभागार में आयोजित बैठक में की गई।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि चम्पावत को आदर्श जनपद बनाने की योजना माननीय मुख्यमंत्री जी की प्राथमिकता में शामिल है, और इसे केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम के रूप में नहीं, बल्कि जनपद के भविष्य की दिशा तय करने वाली रणनीतिक पहल के रूप में देखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा – “परियोजनाएं कागज़ पर नहीं, ज़मीन पर दिखनी चाहिए। प्रत्येक कार्य जनता को सुविधा देने वाला हो, पर्यावरण के अनुकूल हो, और स्थानीय संस्कृति व आवश्यकताओं के अनुरूप हो।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि “आदर्श चम्पावत @2030” की परिकल्पना को साकार करने के लिए सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य करें। योजनाएं केवल विभागीय लक्ष्यों तक सीमित न रहकर जनपद के समग्र विकास को ध्यान में रखकर बनाई जाएं। जिन परियोजनाओं की विस्तृत रिपोर्ट तैयार हो चुकी है, उनमें त्वरित गति से कार्य प्रारंभ किए जाएं, ताकि उनका लाभ समयबद्ध रूप से आमजन तक पहुंच सके। विकास कार्यों की योजना और क्रियान्वयन इस दृष्टिकोण से हो कि वे दीर्घकाल तक उपयोगी, टिकाऊ और जनहितकारी रहें। “आदर्श चम्पावत” को केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनसहभागिता आधारित विकास आंदोलन के रूप में स्थापित किया जाए।जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन योजनाओं की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है, उनकी निविदाएं निर्धारित समयसीमा में पूरी की जाएं। जहां निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, उन्हें तत्काल संबंधित विभागों को हस्तांतरित कर उपयोग में लाया जाए।उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि विकास की प्रक्रिया में स्थानीय परंपराओं, जैव विविधता, और पारिस्थितिकी संतुलन को विशेष प्राथमिकता दी जाए। युवाओं को स्वयंसेवी संगठनों, स्कूलों-कॉलेजों के माध्यम से “आदर्श चम्पावत” अभियान से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा – “यह केवल भौतिक संरचनाओं का विकास नहीं है, यह एक संवेदनशील, समावेशी और टिकाऊ जनपद के निर्माण की यात्रा है।”समीक्षा बैठक में अपर जिलाधिकारी जयवर्धन शर्मा, उपजिलाधिकारी अनुराग आर्या, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. देवेश चौहान, मुख्य शिक्षा अधिकारी श्री मेहरबान सिंह बिष्ट, मुख्य कृषि अधिकारी श्री धनपत कुमार, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. वसुंधरा गर्ब्याल, जिला क्रीड़ा अधिकारी श्री चंदन सिंह बिष्ट, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी दीप्तकीर्ति तिवारी, जिला युवा कल्याण अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी आर एस सामंत सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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