रिपोर्ट :लक्ष्मण बिष्ट : बाराकोट:जिस गाय से चलती थी घर की आजीविका उसी गाय को तिल तिल मरते देखने को मजबूर गौ पालक दीपा।
Laxman Singh Bisht
Fri, May 22, 2026
जिस गाय से चलती थी घर की आजीविका उसी गाय को तिल तिल मरते देखने को मजबूर गौ पालक।

भीषण गर्मी में घायल अवस्था में सड़क में पड़ी है गाय। उपचार का नहीं हो रहा फायदा।


चंपावत जिले के बाराकोट ब्लाक के गल्लागांव निवासी दीपा देवी पत्नी स्वर्गीय गंगा सिंह कुछ ही समय पूर्व अपने घर की आजीविका के लिए 24 हजार रूपए में एक गाय खरीद कर लाई थी। पांच दिन पूर्व 18 मई को सुबह गाय को गौशाला से बाहर बांधते समय गाय चोंक गई और घर से नीचे सड़क पर गिर गई।तब से गाय वही पड़ी हुई है तथा उठ बैठ तक नहीं पा रही है । पशु चिकित्सक ने मौके पर आकर उचार करने का पूरा प्रयास किया परंतु गाय को उसका कोई भी लाभ नहीं हो पा रहा है। गाय की इस हालत को देखकर गौ पालक दीपा देवी अत्यंत परेशान हैं।वह अपनी आजीविका के सहारे को तिल तिल मरते देखने को मजबूर हो रही हैं। भीषण गर्मी में गाय घायल अवस्था मे सड़क के किनारे पड़ी हुई है। दीपा देवी को इस बात का भी डर है कि उनकी गाय को रात में कोई जंगली जानवर नुकसान न पहुंचा दें।लड़ीधूरा शैक्षिक एवं सांस्कृतिक मंच के अध्यक्ष नागेंद्र जोशी ने कहा कि में सरकार और प्रशासन का इस और ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं कि प्रत्येक जिले में एक पशु अस्पताल ऐसा हो जहां पर इस प्रकार की स्थिति आ जाने पर पालतू मवेशी को क्रेन की मदद से उठाकर अस्पताल ले जाया जा सके तथा वहा रखकर इसका बेहतर उपचार किया जा सके। जिससे किसानों एवं पशु पालकों को इस प्रकार से अपने पालतू मवेशियों के लिए परेशान ना होना पड़े। मामले मे पूर्व दुग्ध संघ अध्यक्ष कुंदन सिंह बोहरा ने कहा कि यह पहाड़ में गौ पलकों का दुर्भाग्य है कि इस प्रकार की घटनाएं होती रहती हैं, कुछ दिनों पूर्व तड़ाग में भी एक गए पहाड़ से गिरकर मर गई थी। वर्तमान में गल्ला गांव में भी दीपा देवी की गाय गिरी हुई है, दुग्ध संघ इसमें कुछ मदद तो करता है जो पर्याप्त नहीं है। उन्होंने शासन स्तर से भी गौ पलकों को ऐसी घटनाओं में मदद करने की मांग की है। तो वही घायल गाय को उपचार की सख्त जरूरत है।