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रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : सीएम के आदर्श चम्पावत में विकास की नई राह पाटी व बाराकोट के 20 दूरस्थ गांवों तक पहुंचेगी सड़क सुविधा

Laxman Singh Bisht

Fri, Jun 12, 2026

सीएम के आदर्श चम्पावत में विकास की नई राह पाटी व बाराकोट के 20 दूरस्थ गांवों तक पहुंचेगी सड़क सुविधा

एनआरआईडीए भारत सरकार से प्रथम चरण की स्वीकृति प्राप्त दूरस्थ क्षेत्रों के विकास को मिलेगा नया आयाम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा निर्देशन एवं जिलाधिकारी चंपावत मनीष कुमार के नेतृत्व में सीमांत एवं दूरस्थ क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त हुई है। राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना विकास एजेंसी (NRIDA), भारत सरकार द्वारा प्रथम चरण के अंतर्गत जनपद चम्पावत के विकासखंड पाटी एवं बाराकोट के 20 दूरस्थ गांवों को सड़क संपर्क से जोड़ने हेतु स्वीकृति प्रदान की गई है।यह परियोजना लंबे समय से सड़क सुविधा से वंचित सीमांत क्षेत्रों के लोगों के लिए विकास का नया द्वार खोलेगी। सड़क संपर्क स्थापित होने से ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, व्यापार एवं अन्य मूलभूत सेवाओं तक पहुंच सुगम होगी। साथ ही स्थानीय उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

विकासखंड पाटी मे 16 गांवों को सड़क संपर्क से जोड़ने की कार्ययोजना तैयार की गई है, उनमें बसानजोगा, बसवारी, भिंगराड़ा, बिनवाल गांव, चौराकोट, धौंराग, कमलेख, करौली, मंगललेख, मौलानजाख, मौनकांडा, मुलाकोट, परेवा, पाटनगांव, तोलारंकुरी एवं वालिक शामिल हैं।

इसी प्रकार विकासखंड बाराकोट के बैडा बेडवाल, बलसो, बंतोली एवं काकड़ी गांवों को भी सड़क सुविधा से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जाएगा।इन सड़कों के निर्माण से सीमांत गांवों का आवागमन सुगम होगा तथा ग्रामीणों को वर्षभर सुरक्षित एवं बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। सड़क संपर्क बढ़ने से क्षेत्र में पर्यटन, कृषि, स्वरोजगार एवं व्यापारिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही युवाओं एवं महिलाओं के लिए आजीविका के नए अवसर सृजित होंगे, जिससे आत्मनिर्भर गांव एवं आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड की अवधारणा को मजबूती मिलेगी।जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद के दूरस्थ एवं सीमांत क्षेत्रों को सड़क संपर्क से जोड़ना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। सड़क केवल आवागमन का माध्यम नहीं बल्कि विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और समृद्धि का आधार है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद वर्षों से सड़क सुविधा की प्रतीक्षा कर रहे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी तथा उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के "आदर्श चम्पावत" विजन के अनुरूप जनपद के अंतिम छोर पर बसे प्रत्येक गांव तक विकास की किरण पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।एनआरआईडीए से प्राप्त यह स्वीकृति सीमांत क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगी।

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