Thursday 9th of July 2026

ब्रेकिंग

लोहाघाट:जीजीआईसी सड़क में जल भराव छात्र-छात्राओं व ग्रामीणों के लिए बना मुसीबत।

चंपावत:अटैचमेंट समाप्त पर डी0जी0 के आदेश का समान रूप से पालन न होने पर कार्मिकों में नाराजगी

चंपावत:रेड अलर्ट की चेतावनी के चलते दियूरी में 'सेवा पखवाड़ा' शिविर रद्द, अधिकारी क्षेत्र में रहेंगे के हाई अलर्ट प

सीएम धामी 10 जुलाई को करेंगे टनकपुर उप जिला चिकित्सालय की नवीन स्वास्थ्य सुविधाओं व डांडा ककनई में समग्र ग्रा

चम्पावत में भारी बारिश का रेड अलर्ट 10 जुलाई को समस्त स्कूल आंगनवाड़ी केंद्र रहेंगे बंद

सूचना

रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट : चंपावत:ड्रग्स मुक्ति जागरूकता अभियान के तहत चम्पावत में निकाली गई जनजागरूकता रैली

Laxman Singh Bisht

Sun, Oct 5, 2025

.ड्रग्स मुक्ति जागरूकता अभियान के तहत चम्पावत में निकाली गई जनजागरूकता रैलीमाननीय उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चम्पावत के तत्वावधान में रविवार को “नालसा (नशीली दवाओं के दुरुपयोग के पीड़ितों के लिए कानूनी सेवाएं और नशीली दवाओं के खतरे का उन्मूलन) योजना, 2015” के अंतर्गत “ड्रग्स मुक्ति जागरूकता अभियान” का आयोजन किया गया।कार्यक्रम की अगुवाई जिला जज अनुज कुमार संगल, मुख्य न्यायाधीश मजिस्ट्रेट निहारिका मित्तल गुप्ता एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (सिविल जज सीनियर डिवीजन) भवदीप रावते ने की। अभियान के तहत गोलू देवता मंदिर से नगर के मुख्य बाजार होते हुए बस स्टेशन तक एक जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें चम्पावत और लोहाघाट के समस्त पी.एल.वी./अधिकार मित्र, प्रो-बोनो पीएलवी, अधिवक्ता, स्वयंसेवी संगठन, विद्यालयों के छात्र-छात्राएं एवं स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।रैली का शुभारंभ प्रातः 11:30 बजे चम्पावत मुख्य बाजार क्षेत्र से हुआ। प्रतिभागियों ने “नशा मुक्त समाज – सुरक्षित भविष्य” और “ड्रग्स से मुक्ति – नई पीढ़ी की सुरक्षा” जैसे नारों के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्प्रभावों से दूर रहने का संदेश दिया।इस अवसर पर जिला जज अनुज कुमार संगल ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य नशे के दुष्प्रभावों, संबंधित कानूनी प्रावधानों और पुनर्वास योजनाओं के बारे में आम जनता को जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि भारत में लगभग 7 करोड़ लोग नशीले पदार्थों के दुरुपयोग में लिप्त हैं, जिनमें 9-10 वर्ष की आयु के बच्चे भी शामिल हैं जो समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है।वक्ताओं ने इस बात पर बल दिया कि समाज में नशे की रोकथाम केवल कानूनी उपायों से नहीं, बल्कि सामूहिक जनजागरूकता से ही संभव है। विद्यालयों, महाविद्यालयों, झुग्गी-झोपड़ियों और असंगठित क्षेत्रों में निरंतर जनसंपर्क अभियान चलाने की आवश्यकता है।कार्यक्रम का समापन “ड्रग्स से मुक्ति – नई पीढ़ी की सुरक्षा” के संकल्प और सामूहिक नशा न करने की शपथ के साथ किया गया।

जरूरी खबरें