Thursday 2nd of July 2026

ब्रेकिंग

बाराकोट :मूसलाधार बारिश से नदेडा बर्दाखान में घरो में घुसा पानी व मलवा ग्रामीण दहशत में। बची एक जनहानि

चम्पावत में स्कूलों का समय बदला, निजी विद्यालयों को भी करना होगा नए आदेश का पालन

चंपावत:अब किसानों को डिजिटल माध्यम से मिलेगी खाद डिजिटल गवर्नेंस से सशक्त हुए अन्नदाता

चंपावत:वन भूमि हस्तांतरण प्रकरणों की समीक्षा डीएम ने आपसी समन्वय से लंबित मामलों को निस्तारण करने के दिए निर्देश

चंपावत:ऑपरेशन सिंदूर में दिखाया था अदम्य साहस राष्ट्रपति ने लेफ्टिनेंट सुशील बिष्ट को किया सम्मानित

सूचना

रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : चंपावत:कलश कला संगीत समिति द्वारा खड़ी होली का भव्य आयोजन 24 फरवरी को सीएम धामी करेंगे वर्चुअल शुभारंभ

Laxman Singh Bisht

Mon, Feb 23, 2026

कलश कला संगीत समिति द्वारा खड़ी होली का भव्य आयोजन सीएम धामी करेंगे वर्चुअल शुभारंभ

प्राचीन कुमाऊँनी लोकपरंपरा खड़ी होली के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु कलश कला संगीत समिति, चम्पावत द्वारा सांस्कृतिक आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य समृद्ध लोकसंस्कृति को पुनर्जीवित करना, युवाओं को बढ़ती नशे की प्रवृत्ति से दूर कर रचनात्मक एवं सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना तथा पारंपरिक सांस्कृतिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुँचाना है।कार्यक्रम का वर्चुअल शुभारंभ 24 फरवरी को प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किया जाएगा। यह दो दिवसीय कार्यक्रम डी.एस. लड़वाल स्टेडियम, चम्पावत में आयोजित किया जाएगा। 24 एवं 25 फरवरी को प्रतिदिन 5-5 होली दल पारंपरिक वाद्ययंत्रों एवं विशिष्ट कुमाऊँनी शैली में अपनी प्रस्तुति देंगे। साथ ही प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से भव्य झांकी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें कुमाऊँ की लोकसंस्कृति, वेशभूषा एवं परंपराओं की जीवंत झलक प्रस्तुत की जाएगी।कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप देने हेतु जिलाधिकारी मनीष कुमार ने आज आयोजन स्थल का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, विद्युत, यातायात एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध एवं सुचारू रूप से सुनिश्चित की जाएं, ताकि कार्यक्रम गरिमापूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।जिलाधिकारी ने कहा कि यह आयोजन जनपद की सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करने के साथ-साथ युवाओं को नशामुक्ति की दिशा में प्रेरित करेगा। खड़ी होली जैसे पारंपरिक आयोजनों के माध्यम से सामाजिक एकजुटता को बढ़ावा मिलेगा तथा सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण सुनिश्चित होगा।

जरूरी खबरें