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Editor

Fri, Oct 3, 2025

Haryana: हरियाणा में पुलिसकर्मियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। हरियाणा पुलिस के वायरलेस और टेलीकाम विंग से जुड़े कर्मचारियों को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बड़ी राहत देते हुए राज्य सरकार द्वारा छीने गए ACP लाभ को बहाल करने का आदेश दिया है।

जानकारी के मुताबिक, अदालत ने सरकार के उन आदेशों को रद्द कर दिया है जिनके तहत पुलिसकर्मियों का ACP रोक लिया गया था। Haryana News

मिली जानकारी के अनुसार, यह मामला चंचल रानी एवं अन्य बनाम राज्य हरियाणा से संबंधित था। याचिकाकर्ताओं ने वर्ष 1989 में पुलिस सेवा ज्वाइन की थी और नियमों के अनुसार वर्ष 1999 में 10 वर्ष की सेवा पूरी करने पर उन्हें प्रथम ACP का लाभ दिया गया था। Haryana News

जानकारी के मुताबिक, लेकिन सरकार ने बाद में यह लाभ वापस ले लिया और तर्क दिया कि इन कर्मचारियों ने प्रमोशन के लिए जरूरी पुलिस वायरलेस ऑपरेटर (पीडब्ल्यूओ) कोर्स नहीं किया।

मिली जानकारी के अनुसार, सरकार ने अपने पक्ष में यह भी कहा कि कर्मचारियों ने स्वयं शपथपत्र देकर यह स्वीकार किया था कि वे कोर्स नहीं करना चाहते और न ही उससे जुड़ा कोई लाभ लेना चाहते हैं, इसलिए उन्हें ACP से वंचित करना उचित है। Haryana News

जानकारी के मुताबिक, वहीं, याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में दलील दी गई कि जब उन्हें ACP दिया गया था, उस समय विभाग ने प्रमोशन कोर्स आयोजित ही नहीं किया था।

मिली जानकारी के अनुसार, पहली बार यह अवसर उन्हें वर्ष 2005 या उसके बाद मिला, जबकि उनका ACP का अधिकार 1999 में ही बन चुका था। ऐसे में यह उनकी गलती नहीं थी और पहले से दिए गए अधिकार को छीना नहीं जा सकता। Haryana News

जानकारी के मुताबिक, जस्टिस जगमोहन बंसल ने अपने फैसले में कहा कि कानून किसी से असंभव कार्य करने की अपेक्षा नहीं कर सकता। यदि कर्मचारियों को समय पर प्रमोशन कोर्स का अवसर ही नहीं दिया गया तो उन्हें दोषी नहीं ठहराया जा सकता। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन कर्मचारियों को 10 साल की सेवा पूरी करने पर ACP मिल चुका था, उनका यह अधिकार कायम रहेगा। Haryana News

मिली जानकारी के अनुसार, बाद में दिए गए शपथ पत्र पहले से मिले लाभ को समाप्त नहीं कर सकते। हालांकि, जिन कर्मचारियों ने समय पर ACP का दावा नहीं किया और बाद में प्रमोशन कोर्स पूरा कर लाभ पाया, उन्हें पिछली तिथि से फायदा नहीं मिलेगा। Haryana News

जानकारी के मुताबिक, कोर्ट ने राज्य सरकार के आदेशों को रद्द करते हुए सभी याचिकाकर्ताओं को ACP लाभ दोबारा बहाल करने और वेतन पुनर्निर्धारित करने के निर्देश दिए हैं।

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