रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : चम्पावत ज़िले में धूमधाम से संपन्न हुआ तुलसी विवाह
Laxman Singh Bisht
Sun, Nov 2, 2025
चम्पावत ज़िले में धूमधाम से संपन्न हुआ तुलसी विवाह
लोहाघाट/ चम्पावत।देवप्रबोधिनी एकादशी के पावन अवसर पर पूरे चम्पावत ज़िले में तुलसी विवाह का भव्य और पारंपरिक आयोजन अद्भुत श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक आस्था के साथ मनाया गया। सुबह से ही मंदिरों, घरों और विशेष सजावट, रोशनी और पुष्पों की महक ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। महिलाओं और बुजुर्गों ने तुलसी को रंगोली, दीपकों व फूलों से सजाया, वहीं युवाओं ने आयोजन की व्यवस्थाओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही भक्तों ने तुलसी मैया का विशेष अभिषेक, श्रृंगार और पूजन किया। सुहागिन महिलाओं ने लाल-पीले पारंपरिक वस्त्र पहनकर मेहंदी, चूड़ा, बिछवा व लाल चुनरी से तुलसी का श्रृंगार किया। इस अवसर पर भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ, जिसमें स्थानीय भजन मंडलियों ने “जय तुलसी माता”, “शालिग्राम से ब्याह रचाया” आदि भक्तिमय गीत प्रस्तुत किए।
भगवान शालिग्राम और तुलसी माता की जयमाला, कन्यादान, फेरे और सप्तपदी की रस्में पारंपरिक रीति से की गईं। पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विवाह संस्कार सम्पन्न हुआ। शंख, घंटी और नगाड़ों की ध्वनि ने पूरे वातावरण को और भी पावन व उत्सवधर्मी बना दिया।तुलसी विवाह को हिंदू धर्म में शुभ कार्यों की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागते हैं और धार्मिक तथा मांगलिक कार्यों की शुरुआत का मार्ग खुल जाता है। बुजुर्गों का कहना है कि तुलसी विवाह धार्मिक रस्म के साथ साथ भारतीय संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और परिवारिक सामंजस्य का संदेश भी देता है।लोहाघाट,चम्पावत,पाटी,गुमदेश,बाराकोट,बिशंग सभी जगह धूमधाम से तुलसी विवाह संपन्न हुआ।