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रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट 👹👹 : बुजुर्गों के वोट न डालने की असमर्थता ने खीचा डीएम का ध्यान सांगों गांव की ओर। सांगों गांव में हुआ रिकॉर्ड तोड़ मतदान

Laxman Singh Bisht

Fri, Jul 25, 2025

सांगों गांव में आज तक हुए मतदान का टूटा सारा रिकॉर्ड।

बुजुर्गों ने जिलाधिकारी को दिया अपना आशीर्वाद। बड़ी लोगों से उनकी उम्मीदें।लोहाघाट। पंचायती चुनाव में पाटी ब्लॉक के सांगों ग्राम पंचायत के बुजुर्ग लोगों ने साधनों के अभाव के चलते मतदान में अपनी असमर्थता जताने की खबरों का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी मनीष कुमार ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए यहां समाज कल्याण विभाग की टीम पहले दिन ही भेजी थी जो दूसरे दिन चुनाव संपन्न करने के बाद ही लौटी। पाटी ब्लॉक के एडीओ सुमित जोशी एवं समाज कल्याण विभाग के दीपक गहतोड़ी ने पूरे गांव का भ्रमण कर लोगों की दिक्कतों को समझाते हुए मतदान न करने की असमर्थता को गांव के लोग से ही समझा और हर संभव मतदान कराने में प्रशासनिक सहयोग से मतदान करवाने में काफी हद तक सफलता हासिल की। वैसे पहली बार ऐसा हुआ जब किसी जिला अधिकारी द्वारा उनकी तथा गांव की सुध लिए जाने से लोग काफी खुश थे। इसी दौरान गांव के नंदू पांडे, सतीश जोशी, सुरेश जोशी, धीरज, दीपक, नवीन राम, महेश राम आदि लोगों की शक्ति जाग गई और उन्होंने गांव के बुजुर्गों को पीठ में तथा हाथ पकड़ कर मतदान केंद्र बुलाकर उनका मतदान कराया बावजूद इसके एक पुरुष और तीन महिला बुजुर्ग मतदाता इसलिए वोट नहीं दे पाए कि वे इतने अस्वस्थ थे कि उन्हें मतदान केंद्र तक लाने पर उनका स्वास्थ्य और बिगड़ सकता था। हालांकि डीएम को उनकी सक्रियता के लिए उन्होंने अपना आशीर्वाद अवश्य दिया।जिलाधिकारी के "क्विक एक्शन" का यह प्रभाव पड़ा कि गांव के इतिहास में रिकॉर्ड मतदान हुआ जिसमें 461 वोटरों में 371 मतदाताओं ने अपने वोट डाले। समाज कल्याण विभाग की टीम ने भी लोगों के दर्द को नजदीक से समझा और जाना कि घिंघारुकोट से बांस बस्वाड़ी तक मुख्यमंत्री द्वारा चार किलोमीटर लंबी सड़क बनाने की घोषणा की गई थी। यह सड़क क्यों और कैसे नहीं बन रही है? इसका कारण तो यह नहीं जानते हैं। अलबत्ता उनका कहना है कि यदि यह सड़क बन जाती है तो इससे लोगों की न केवल जीवन शैली सरल हो जाती है बल्कि यहां की आर्थिक समृद्धि के द्वार भी खुलते।

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