रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : पाटी:बेहरहम मा बाप ने चार बेटियों को पालने से किया इंकार। चाइल्ड हेल्पलाइन मदद को आई आगे।
Laxman Singh Bisht
Wed, Jun 10, 2026
बेहरहम मा बाप ने चार बेटियों को पालने से किया इंकार। चाइल्ड हेल्पलाइन मदद को आई आगे
पिता के डर से चार बहनो ने भूखे प्यासे घास के लूटे मे काटी रात। पिता शराब पीकर करता है मारपीट
2 साल पहले मां पांच बच्चों को छोड़कर चली गई हल्द्वानी।

चंपावत जिले के पाटी ब्लॉक से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने सभी लोगों को झकझोर कर रख दिया है। जहां मां बाप ने अपनी चार नाबालिग बेटियों को अपनाने से इंकार कर दिया है। इसके बाद मां-बाप के होते हुए भी चार बेटियां अनाथ हो गई है।ऐसे समय में चाइल्ड हेल्पलाइन चंपावत मदद को आगे आई है। जानकारी के मुताबिक 2 जून 2026 को एक अध्यापिका के द्वारा 1098 पर कॉल करके बताया की चार बालिकाएं घास के लुटे मे छुपी हुई मिली जो रात भर यही रही है तथा काफी घबराई हुई है।स्कूल स्टाफ द्वारा बच्चों को स्कूल मे खाना खिलाया गया तथा उनका हौसला बढ़ाया गया। मामले का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम तत्काल पाटी पहुंची तथा मामले की पुष्टि कर चारों बालिकाओं को अपने संरक्षण मे लेकर उन्हें चाइल्ड हेल्पलाइन केंद्र चंपावत लाया गया तथा बच्चों की काउंसलिंग की गई। चाइल्ड हेल्पलाइन की समन्वयक संतोषी ने बताया बच्चों द्वारा बताया गया उनकी मां 2 साल पहले उन्हें छोड़कर चली गई और पिता रोज शराब पीकर उन्हें मांरते पीटते है जिस कारण वह अपने पिता के साथ नहीं जाना चाहती है। बच्चों की व्यथा सुनकर चाइल्ड हेल्पलाइन द्वारा चारों बालिकाओं को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। बाल कल्याण समिति के आदेश पर बच्चों के माता-पिता को बाल कल्याण समिति कार्यालय में बुलाया गया । मामले में दोनों पति-पत्नी का कहना है वह अपनी कमजोर आर्थिक स्थिति के चलते अपने बच्चों का पालन पोषण नहीं कर सकते हैं उनके एक बेटा व पांच बेटियां है। मां ने बताया वह एक लड़की के साथ हल्द्वानी रहती है जहां वह होटल में काम कर अपनी आजीविका चलाती है। पिता का कहना है में चारों बच्चों को सिर्फ खिला सकता हू लेकिन अच्छी तरह से परवरिश नहीं कर सकता हूं। पिता का कहना है मे सिर्फ बेटे को पालूंगा पर बेटियों को नहीं पाल सकता हू। बेटियां भी पिता के क्रूर व्यवहार के चलते उसके साथ नहीं रहना चाहती है। समन्वयक संतोषी ने बताया माता पिता द्वारा चार बेटियों को न पालने पर तीन बालिकाओं को अग्रिम कार्रवाई तक राजकीय दतक ग्रह अल्मोड़ा भेजा जा रहा है। जिनमें से छोटी बालिका जिसकी उम्र 4 वर्ष है वह एडॉप्शन की कार्रवाई होने तक राजकीय दत्तक गृह चंपावत में रहेगी। तीन बालिकाओं की अल्मोड़ा दत्तक गृह में उनकी परवरिश के साथ साथ शिक्षा दीक्षा भी होगी सबसे बड़ी बेटी इसी वर्ष आठवीं परीक्षा उत्तीर्ण कर चुकी है। समन्वयक संतोषी ने कहा चाइल्ड हेल्पलाइन संरक्षण और देखभाल वाले बच्चों उनके पुनर्वासन के लिए हमेशा मदद को आगे आती है। मामले में लोगों के द्वारा गहरी नाराजगी जताई गई तथा माता-पिता पर कार्यवाही की मांग की गई है। लोगों ने कहा जब बच्चों को पाल नहीं सकते थे तो पैदा क्यों किया। चारों बच्चों की दुखद कहानी सुनकर लोगों की आंख भर आई। जो मां-बाप के होते हुए भी अनाथ हो गई है। चाइल्ड हेल्पलाइन टीम मे काउंसलर तरन्नुम के साथ केस वर्कर शामिल रहे।