रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट 👹👹 : पाटी:सांगों के वृद्धों द्वारा मतदान करने में जताई असमर्थता पर डीएम ने लिया तत्काल संज्ञान ।
Laxman Singh Bisht
Wed, Jul 23, 2025
सांगों के वृद्धों द्वारा मतदान करने में जताई असमर्थता पर डीएम ने लिया तत्काल संज्ञान ।
पाटी विकास खंड की सांगों ग्रामसभा के घिंघारुकोट, जमनताक तोक व बांस बस्वाड़ी ग्रामसभा का है मामला।
जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला समाज कल्याण अधिकारी पहुंचे दलबल के साथ सांगों गांव ।
चंपावत जिले के पाटी विकास खंड की सांगों ग्रामसभा के घिंघारुकोट, जमनताक तोक व बांस बस्वाड़ी ग्रामसभा के करीब एक दर्जन बुजुर्गों के लिए डोली की सुविधा न होने पर मतदान करने में अपनी असमर्थता जताने का मामला सोशल मीडिया पर आने के बाद जिलाधिकारी चंपावत मनीष कुमार ने इसे बेहद गंभीरता से लेते हुए आज बुधवार देर शाम जिला समाज कल्याण अधिकारी आर. एस समंत के नेतृत्व में तीन सदस्यीय दल को गांव में भेजकर वृद्ध लोगों को किसी भी हालत में मतदान केंद्र तक लाकर उनका मतदान करने का निर्देश दिया। समाज कल्याण अधिकारी सामंत ने गाव पहुंचकर ग्रामीणों के साथ वार्ता करने के बाद गांव की भौगोलिक स्थिति का जायजा भी लिया। समाज कल्याण अधिकारी सामंत ने कहा कि वृद्ध मतदाताओं को मतदान केन्द्र तक लाने ले जाने के लिए डोली या छोटे वाहन की व्यवस्था करके हर हालत में उनका मतदान कराया जायेगा। लेकिन नंदू पाण्डेय, सतीश जोशी, नवीन राम, महेश राम, धीरज पाण्डेय, सुरेश जोशी आदि ग्रामीणों का कहना है कि बांस बस्वाड़ी, चौड़ाकोट, पाटी, रेंगल बैंड होते हुए 35 किमी का सफर तय करके वृद्धों को मतदान केन्द्र तक लाने का काम किराए वाहन से वे स्वयं करेंगे। इसके लिए ग्रामीणों ने वाहन के किराए का भुगतान भी कर दिया है। हालांकि इस तोक की राधिका राम, गिरधारी जोशी और भगवती देवी का मतदान इसलिए संभव नहीं होगा क्योंकि इस तोक में पैदल चलने लायक रास्ते भी नहीं हैं। गिरधर जोशी, मथुरा दत्त, रतन सिंह, राधिका राम, भगवती देवी, धर्मानंद, नारायण शर्मा, शिवराज, दिनेश चंद्र,खिलानंद जोशी आदि वृद्ध मतदाताओं ने जिलाधिकारी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि उन्होंने कम से कम हमारी सुध तो ली है। इन वृद्धों ने जिलाधिकारी को अपना आशीर्वाद देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा उनके गांव को सड़क से जोड़ने की जो घोषणा की है यदि वे इसका निर्माण करवा देते हैं तो उन्हें कुछ वर्ष और जीने का अवसर ही नहीं मिलेगा ही बल्कि हम अपनी आंखों से गांव को पलायन से उजड़ते हुए भी नहीं देख पाएंगे। इस गांव में सड़क न होने से यहां की अधिकांश आबादी पलायन कर चुकी है।