रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : नेपाल:सोशल मीडिया बैन से भड़का जनआंदोलन प्रधानमंत्री ओली व राष्ट्रपति पौडेल का इस्तीफा हालात बेकाबू
Laxman Singh Bisht
Tue, Sep 9, 2025
नेपाल:सोशल मीडिया बैन से भड़का जनआंदोलन प्रधानमंत्री ओली व राष्ट्रपति पौडेल का इस्तीफा
प्रदर्शनकारियो ने राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री आवास को किया आग के हवाले।
भीड़ ने वित्त मंत्री को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।
हालात बिगड़ते देख कई मंत्रियों ने दिए त्यागपत्र। अभी तक 20 प्रदर्शन कारिया की हो चुकी है मौत।
नेपाल में हालात बेकाबू हजारों की तादाद में प्रदर्शनकारी सड़कों पर।
भारत के पड़ोसी देश नेपाल में सोशल मीडिया पर बैन के बाद शुरू हुआ विरोध अब भयानक रूप ले चुका है। नेपाल में हिंसक घटनाओं के बीच प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने पद से इस्तीफा दे दिया। सेना का एक हेलिकॉप्टर उन्हें अज्ञात स्थान पर ले गया। इसके तुरंत बाद राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने भी अपना इस्तीफा सौंप दिया। राजधानी में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं और सुरक्षा बल हालात को काबू में लाने में नाकाम दिख रहे हैं।सोमवार को सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में करीब 22 लोगों की मौत व 400 से अधिक लोगों के घायल होने के बाद नाराज़ भीड़ का गुस्सा और भड़क गया। मंगलवार को हजारों प्रदर्शनकारियों ने काठमांडू स्थित राष्ट्रपति भवन पर कब्जा कर लिया और कई मंत्रियों के आवासों में आगजनी की।सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली देश छोड़ने की फिराक में हैं और किसी भी समय दुबई रवाना हो सकते हैं। कहा जा रहा है कि नेपाल छोड़ने से पहले वह अपने स्थान पर किसी को कार्यवाहक प्रधानमंत्री नियुक्त कर सकते हैं।स्थिति बिगड़ने के बाद नेपाल के कई मंत्रियों ने इस्तीफा देना शुरू कर दिया है। कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री रामनाथ अधिकारी ने अपने पद से त्यागपत्र देते हुए कहा कि नागरिकों के शांतिपूर्ण विरोध को दबाने के बजाय गोलीबारी और दमन से लोकतंत्र खतरे में पड़ गया है। उन्होंने लिखा कि देश अधिनायकवाद की ओर बढ़ रहा है।प्रधानमंत्री ओली ने हालात पर काबू पाने के लिए आज शाम 6 बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई, लेकिन राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि अब बातचीत से हल निकलना मुश्किल है। प्रदर्शनकारियों के गुस्से में युवा, बुजुर्ग और आम नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हो चुके हैं।
काठमांडू में हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल और प्रधानमंत्री ओली के आवास को आग के हवाले कर दिया। वहीं, संचार मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरुंग और पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ के घर के बाहर भी आगजनी और पथराव की घटनाएं हुईं।रौतहट, मकवानपुर और हेटौडा जैसे इलाकों में प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर टायर जलाकर आवागमन रोक दिया है। पुलिस ने हालात नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात कर दिए हैं, लेकिन आंदोलन लगातार फैलता जा रहा है।