रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट में धूम धाम व श्रद्धा भाव से सुहागन महिलाओं ने मनाया बट सावित्री व्रत। सुबह से मंदिरों में भारी भीड़
Laxman Singh Bisht
Sat, May 16, 2026
लोहाघाट में धूम धाम व श्रद्धा भाव से सुहागन महिलाओं ने बनाया बट सावित्री व्रत।

बट व पीपल वृक्ष की पूजा अर्चना कर रक्षा धागा बांधकर माता सावित्री से पति के दीर्घ जीवन का लिया आशीर्वाद।
सर्वोदय मंदिर में सुबह से ही महिलाओं की भारी भीड़।

आज सुहागन महिलाओं के द्वारा अपने पति की लंबी उम्र की कामना करते हुए बट सावित्री का व्रत रखा गया है । लोहाघाट क्षेत्र में सुहागन महिलाओं के द्वारा बट सावित्री व्रत को काफी श्रद्धा व भक्ति भाव के साथ मनाया जा रहा है। महिलाओं के द्वारा पूरे साज श्रृंगार व सुहागन के परिधानों के साथ इस वर्त को रखा गया है। आज सुबह से ही लोहाघाट के हथरंगिया स्थित सर्वोदय मंदिर में सुहागन महिलाओं की भारी भीड़ रही है। जहां महिलाओं ने पीपल व बट वृक्ष पर रक्षा धागा बाध कर सात बार परिक्रमा की। पंडित प्रकाश पुनेठा के द्वारा पूर्ण विधि विधान के साथ बट सावित्री व्रत की कथा सुनाते हुए पूजा अर्चना संपन्न की। उन्होंने बताया यमराज के द्वारा सावित्री के पति सत्यवान के प्राण हर लिए गए थे तो सावित्री यमराज के पीछे-पीछे चलने लगी। जिस कारण यमराज ने परेशान होकर सावित्री से तीन वरदान मांगने को कहा। जिस सावित्री ने अपने ससुर के राजपाठ को वापस लाने, सास ससुर की आंखों को फिर से ठीक करने तथा खुद के लिए 100 पुत्रों व सौभाग्यवती होने का वरदान मांगा। जिस पर यमराज के द्वारा बिना सोचे समझे सावित्री को वरदान दे दिया गया और वरदान देकर यमराज चलने लगे तो सावित्री फिर से उनके पीछे-पीछे चलने लगी।

जिस पर यमराज ने पूछा मैंने तुम्हें तीन वरदान दे दिया फिर क्यों मेरे पीछे आ रही हो। उत्तर में सावित्री ने कहा आपने मुझे सौभाग्यवती व 100 पुत्रवती होने का वरदान दिया है पर आप मेरे पति के प्राणों को हर कर ले जा रहे हैं जब मेरे पास पति नहीं होगा तो आपका 100 पुत्रवती होने का वरदान कैसे सफल होगा। जिस पर यमराज सावित्री की बुद्धिमानी व पति भक्ति पर काफी प्रसन्न हुए और उन्होंने सावित्री के पति सत्यवान को जीवित कर दिया। इसके बाद सत्यवान और सावित्री ने राजपाठ संभालते हुए जनता की सेवा की। पंडित प्रकाश पुनेठा ने कहा तब से सुहागन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र की कामना व परिवार में सुख शांति के लिए माता सावित्री का व्रत कर आशीर्वाद लेती है।

उन्होंने कहा आज बट व पीपल के पेड़ पर सुहागन महिलाएं कच्चा धागा बाध कर पूजा अर्चना संपन्न करती हैं। वहीं बट सावित्री व्रत को लेकर सुहागन महिलाओं में काफी उत्साह नजर आया। महिलाओं ने उपवास रखकर दुल्हन की तरह सज कर पूर्ण विधि विधान के साथ माता सावित्री की पूजा अर्चना की। महिलाओं ने बताया बट सावित्री व्रत रखने से उनके पति को लंबा जीवन मिलता है तथा परिवार में सुख शांति रहती है। आज लोहाघाट में चंपावत क्षेत्र में महिलाओं के द्वारा काफी हर्ष उल्लास, धूमधाम और श्रद्धा भाव के साथ बट सावित्री व्रत को रखा गया है।

