रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट :रा0प्रा0शिक्षक संगठन ने टीईटी का किया विरोध 22 जून को करेंगे सचिवालय का घेराव।
Laxman Singh Bisht
Mon, Jun 15, 2026
रा0प्रा0शिक्षक संगठन ने टीईटी का किया विरोध 22 जून को करेंगे सचिवालय का घेराव।

टीईटी लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त रखने की मांग।

योजना लागू होने से देश भर के 25 से 30 लाख प्राथमिक शिक्षक होंगे प्रभावित।

उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संगठन के नेतृत्व में प्रदेश भर के प्राथमिक शिक्षक टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता का विरोध कर रहे हैं। आगामी 22 जून को प्रदेश भर के रा0 प्राथमिक शिक्षक प्रदेश नेतृत्व के आवाहन पर देहरादून में सचिवालय का घिराव करने जा रहे हैं। सोमवार को चंपावत जिले के रा0 प्राथमिक शिक्षकों ने टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता का कड़ा विरोध जताते हुए रा0 प्राथमिक शिक्षक संगठन चंपावत के जिला अध्यक्ष उत्तम फर्त्याल की अध्यक्षता तथा शिक्षक कीर्ति भट्ट के संचालन में लोहाघाट के शिक्षक भवन में 22 जून को टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता के विरोध में होने जा रहे सचिवालय घिराव को लेकर बैठक का आयोजन किया। बैठक में शामिल समस्त शिक्षक नेताओं व शिक्षकों ने टीईटी परीक्षा का कड़ा विरोध जताते हुए अपने-अपने विचार रखें। रा0 प्राथमिक शिक्षक संगठन जिला अध्यक्ष उत्तम फर्त्याल व शिक्षक नेताओं ने कहा सुप्रीम कोर्ट के द्वारा 1 सितंबर 2025 एवं 29 मई 2026 को दिए गए आदेशों में टीईटी की अनिवार्यता को यथावत रखते हुए समीक्षा याचिकाओं को खारिज कर दिया है।

तथा टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करने की तिथि 31 अगस्त 2028 तक विस्तारित की गई है। शिक्षक नेताओं ने कहा हम न्यायालय के आदेश का सम्मान करते हैं पर यह मामला लाखों शिक्षकों व उनके परिवार से जुड़ा हुआ है। कहा न्यायालय के आदेश के बाद उन शिक्षकों को भी टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी जिनकी नियुक्ति टीईटी लागू होने से पूर्व हुई है। शिक्षकों की नियुक्ति उस समय में प्रचलित वैधानिक नियमों व निर्धारित योग्यता के आधार पर हुई है। कहा इस आदेश के बाद देश भर के 25 से 30 लाख शिक्षक प्रभावित हो रहे है। शिक्षक नेताओं ने कहा इनमें ऐसे शिक्षक शामिल है जो 15 से25 वर्ष या उससे अधिक समय से सफलतापूर्वक शिक्षण कार्य कर रहे। शिक्षक नेताओं ने कहा चंपावत जिले सहित उत्तराखंड राज्य में भी न्यायालय के इस आदेश से हजारों की संख्या मे शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा प्रदेश के समस्त रा0 प्राथमिक शिक्षक टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता कड़ा विरोध करते हैं। शिक्षक नेताओं ने कहा इस आदेश से शिक्षकों की नौकरी पर संकट छा गया है। शिक्षको ने राज्य सरकार से टीईटी लागू होने से पूर्व के शिक्षकों को इस योजना से अलग करने की मांग की है। कहा इनमें कई शिक्षक 40 से 55 वर्ष की उम्र तक के हैं। कहा अगर यह योजना लागू होती है तो कई शिक्षकों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा। शिक्षक नेताओं ने सरकार से टीईटी की अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग की है। शिक्षक नेताओं ने कहा सोची समझी साजिश के तहत सरकार प्राथमिक शिक्षकों को नौकरी से हटाने का कार्य कर रही है ।कहा अगर योजना लागू होती है तो सैकड़ो शिक्षकों की नौकरी चली जाएगी जिस कारण प्रदेश में कई प्राथमिक विद्यालय बंद हो जाएंगे जिसका असर नोनिहालों की शिक्षा पर पड़ेगा। कहा सरकार प्राइवेट शिक्षा को बढ़ावा दे रही है। कहा प्रदेश के समस्त राजकीय प्राथमिक शिक्षक इस योजना का कड़ा विरोध करते हैं। जिसके तहत 22 जून को परेड ग्राउंड देहरादून से सचिवालय तक आक्रोश रैली निकालने के साथ-साथ सचिवालय का घिराव किया जाएगा। शिक्षक नेताओं ने चेतावनी दी है अगर उनकी मांगे नहीं मानी गई तो। शिक्षण कार्य बहिष्कार ,चुनाव बहिष्कार के साथ साथ एसआईंआर कार्य तथा अन्य सरकारी योजनाओं का बहिष्कार करेंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की रहेगी। शिक्षकों ने कहा राजकीय प्राथमिक शिक्षक सरकार की योजनाओं को धरातल में उतारने के लिए अहम भूमिका निभाते हैं वर्तमान में भी एसआईआर में प्राथमिक शिक्षक अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

उसके बावजूद भी उनके साथ इस प्रकार का व्यवहार किया जा रहा है। जिस कारण शिक्षक वर्ग काफी मानसिक तनाव में है। रा0 प्राथमिक शिक्षक संगठन जिला अध्यक्ष उत्तम फर्त्याल ने समस्त प्राथमिक वर्ग के शिक्षकों से 22 जून के आंदोलन को सफल बनाने के लिए अधिक से अधिक संख्या में देहरादून चलने की अपील की है। मामले में शिक्षकों में गहरी नाराजगी है। बैठक में कैलाश सिंह फर्त्याल , राम प्रसाद कालाकोटी , हरि विनोद पंत ,शिवनाथ ,चंचल सिंह, प्रकाश चंद्र गणपति ओम प्रकाश भट्ट ,किशोर पंगरिया, बंशीधर गढ़कोटी ,महेंद्र सिंह अधिकारी ,प्रकाश भट्ट ,उमेश चंद्र ,रविंद्र सिंह तड़ागी ,हरीश पांडे ,दिवाकर सिंह बुधियाल, शंकर सिंह अधिकारी,चतुर सिंह महरा ,कमल जोशी, पान सिंह चमलेगी,प्रकाश सिंह भंडारी , कीर्ति बल्लभ भट्ट, प्रकाश चंद जोशी , हरी दत्त भट्ट ,नरेंद्र सिंह अधिकारी, नरेश गोस्वामी आदि शिक्षक नेता मौजूद रहे।