रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट 👹👹 : लोहाघाट:देवदार सुखाकर भूमि खरीद फरोख्त का धंधा जोरों पर पालिका अध्यक्ष ने बन व राजस्व विभाग पर लगाया साठ गांठ का आरोप।
Laxman Singh Bisht
Mon, May 26, 2025
लोहाघाट मे देवदार का अस्तित्व संकट में पालिका अध्यक्ष ने आवाज की बुलंद। मुख्यमंत्री तक जाएगा मामला।
लोहाघाट के भेड़खान क्षेत्र में मजार के नीचे आजकल देवदार के बहुमूल्य पेड़ों को सुखाकर जमीन कब्जाने व खरीद फरोख्त का धंधा जोरों पर है ।पर लोहाघाट की शान देवदार के पेड़ों की सुरक्षा का दावा करने वाले राजस्व विभाग व वन विभाग मूकदर्शक बने हुए है।देवदार के इन बहुमूल्य पेड़ों के दोहन पर नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद वर्मा व लोगों ने गहरी नाराजगी जताई है। पालिका अध्यक्ष गोविंद वर्मा ने बताया देवदार लोहाघाट की शान है इन्हें देखने के लिए दूर-दूर से पर्यटक यहां आते हैं।
पर कुछ असामाजिक लोगों के द्वारा बेखौफ होकर भेड़खान क्षेत्र में देवदार के पेड़ों को सुखाकर भूमि में कब्जा कर खरीद फरोख्त का धंधा किया जा रहा है जिन्हें किसी का भी डर नहीं है। पालिकाध्यक्ष ने कहा बन व राजस्व विभाग को जानकारी होने के बावजूद अतिक्रमणकारियो व पेड़ सुखाने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। पालिका अध्यक्ष ने कहा क्षेत्र में बड़ी संख्या में देवदार के पेड़ सुखाए जा चुके हैं ।
पालिका अध्यक्ष ने बन और राजस्व विभाग पर अतिक्रमणकारियो के साथ-साथ साठ गांठ के गंभीर आरोप लगाए हैं ।तथा प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर देवदार के पेड़ों को बचाने व संबंधित अधिकारियों व अतिक्रमण कारियो पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वर्मा ने कहा संबंधित विभाग खुद देवदार के पेड़ों के दुश्मन बन बैठे हैं। वहीं लोगों ने पालिका अध्यक्ष के इस कदम की सराहना की कहा देवदार बचाने के लिए हम सभी पालिका अध्यक्ष के साथ खड़े हैं। मामला काफी गंभीर है
खुद पालिकाध्यक्ष खुद गंभीर आरोप लगा रहे हैं। पर यह आरोप नहीं हकीकत है अगर देवदारों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है तो वह है भेड़खान क्षेत्र पूर्व में भी यहां दिनदहाड़े आठ देवदार के पेड़ काट दिए गए थे पर मामला आया राम गया राम हो गया है।अब देखना प्रशासन मामले में क्या संज्ञान लेता है। प्रश्न यह भी है क्या लोहाघाट में देवदारों का अस्तित्व बच पाएगा?