रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट: एक हाथ से आलू बुवाई में जुटे बलाई गांव के दिव्यांग पूरन सिंह बने मिसाल।
Laxman Singh Bisht
Sat, Feb 14, 2026
एक हाथ से आलू बुवाई में जुटे बलाई गांव के दिव्यांग पूरन सिंह बने मिसाल।
एक हाथ होने के बावजूद भी हौसलों में नहीं कमी। पावर ट्रेलर तक चलाते है पूरन।
हौसले अगर बुलंद हो तो कोई भी बाधा पार की जा सकती है ।इसके जीते जाते उदाहरण है लोहाघाट के बलाई गांव के दिव्यांग पूरन सिंह। कुछ वर्ष पूर्व फैक्ट्री में कार्य करने के दौरान हुई दुर्घटना में पूरन सिंह का एक हाथ कट गया था। पर पूरन ने हार नहीं मानी और घर आकर एक नया जीवन शुरू किया। आजकल पूरन आलू की बुवाई करने में जुटे हुए है। एक हाथ होने के बावजूद भी पूरन के द्वारा पावर ट्रेलर से अपने खेतों की जुताई की जा रही तथा आलू का बीज बोया जा रहा है। जिसमें पूरन के परिवार के द्वारा उनका पूरा सहयोग किया जाता है। पूरन अपने हौसले के दम पर सब्जी उत्पादन के साथ साथ मौसमी खेती पशुपालन आदि करते हैं।
पूरन ने बताया वह दुग्ध उत्पादन के साथ खोया पनीर, सब्जी उत्पादन आदि कार्यकर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। कहा हाथ कटने के बाद वह पूरी तरह टूट गए थे लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपने परिवार की जिम्मेदारी का बोझ उठाते हुए उन्होंने अपने गांव में खेती-बाड़ी, पशुपालन डेयरी आदि का कार्य शुरू किया जिसमें उनका पूरा परिवार उनका सहयोग करता है। गांव के पान सिंह ने बताया पूरन काफी मेहनती और मिलनसार व्यक्ति हैं एक हाथ होने के बावजूद भी वह सभी कार्य करते हैं और ग्रामीणों की मदद भी पूरन के द्वारा की जाती है।
पान सिंह ने कहा पूरन एक मिसाल है जो अपनी हिम्मत के बलबूते पर आज शान के साथ अपने परिवार का भरण पोषण करने के साथ-साथ अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दीक्षा दे रहे है।