रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट:18 वर्षीय पायल को मदद की दरकार ब्लड कैंसर से पीड़ित मदद को आगे आए डीएम चंपावत।
Laxman Singh Bisht
Wed, May 20, 2026
18 वर्षीय पायल को मदद की दरकार ब्लड कैंसर से पीड़ित डीएम ने भी की पहल। परिजनों की मुख्यमंत्री से मदद की गुहार।

चंपावत जिले के लोहाघाट क्षेत्र की 18 वर्षीय छात्रा पायल फर्त्याल जिंदगी और मौत के बीच की जंग लड़ रही है। पायल को टी-सेल हॉजकिन लिम्फोमा (रक्त कैंसर) जैसी गंभीर बीमारी ने अपनी चपेट में ले लिया है। वर्तमान में उसका इलाज ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में चल रहा है, जहां डॉक्टरों ने समय पर इलाज से स्वस्थ होने की उम्मीद जताई है।बताया जा रहा है कि पायल के इलाज में करीब 40 लाख रुपये का खर्च आएगा। परिवार ने अपनी पूरी जमा पूंजी इलाज में लगा दी है, उनके पिता लोहाघाट के मीना बाजार छोटा सा रेस्टोरेंट चलाते है। लेकिन अब आर्थिक स्थिति जवाब देने लगी है। ऐसे में परिवार ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व क्षेत्र के व्यापारियों,जनप्रतिनिधियों सामाजिक कार्यकर्ताओं व आम जनता से पायल की जान बचाने के लिए आगे आने व यथा संभव आर्थिक मदद की अपील की है। वही पायल की जान बचाने के लिए जिलाधिकारी चंपावत मनीष कुमार भी आगे आए हैं।जिलाधिकारी मनीष कुमार के सहयोग से पायल के इलाज के लिए मिलाप संस्था के माध्यम से आर्थिक सहायता जुटाई जा रही है। पायल के परिजनों का कहना है कि “हर गुजरता दिन हमारी बेटी की जिंदगी से जुड़ा है। अगर समय पर इलाज नहीं मिला तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।”

लोगों से अपील की गई है कि वे मानवता के नाते आगे आएं और अपनी सामर्थ्य अनुसार आर्थिक सहयोग करें। जो लोग आर्थिक मदद नहीं कर सकते, वे इस खबर को अधिक से अधिक साझा कर पायल तक मदद पहुंचाने में सहयोग करें।मदद के लिए ऑनलाइन फंडरेज़र भी शुरू किया गया है, ताकि देश-विदेश से लोग पायल के उपचार में सहयोग कर सकें। परिवार ने कहा कि समाज का छोटा सा सहयोग भी पायल को नया जीवन दे सकता है।
मिलाप संस्था की अपील…
क्यूआर कोड और लिंक के माध्यम से भी आप मदद कर सकते हैं।
आपका साथ अभी एक जान बचा सकता है डोनेशन करे और जो डोनेशन नहीं कर सकते शेयर जरूर करें।।।।।।
हाय पायल,
आपका फंडरेज़र https://milaap.org/fundraisers/support-payal-fartyal अब सक्रिय है और इसमें फंड जमा किए जा सकते हैं। मिलाप विदेशी मुद्रा (USD, EUR, आदि) में भी योगदान स्वीकार करता है।
भारतीय सरकार के नियमों के अनुसार, विदेशी दान केवल FCRA-पंजीकृत गैर-सरकारी संगठन, इलाज करने वाले अस्पताल या GST-पंजीकृत विक्रेता (जैसे, फार्मेसी, चिकित्सा आपूर्तिकर्ता) के बैंक खाते में ही भेजे जा सकते हैं।
*_कृपया जल्द से जल्द बैंक खाता जोड़ने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें।_
*महत्वपूर्ण:* अभियान की समीक्षा के दौरान, यदि इन दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया जाता है, तो विदेशी फंड जुटाने की प्रक्रिया बंद की जा सकती है, और तब तक प्राप्त सभी फंड दानदाताओं को वापस कर दिए जाएंगे।
किसी भी प्रश्न के लिए हमारी टीम आपकी सहायता करने में प्रसन्न होगी।