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रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट:वास्तविक राज्य आंदोलन कारियो को नहीं घोषित किया राज्य आंदोलनकारी :रमेश देव

Laxman Singh Bisht

Fri, Oct 31, 2025

वास्तविक राज्य आंदोलन कारियो को नहीं घोषित किया राज्य आंदोलनकारी :रमेश देव

पीड़ा इस बात की जिनका राज्य आंदोलन से दूर-दूर तक नाता नहीं उन्हें घोषित किया गया है राज्य आंदोलनकारी:देवचंपावत जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष रमेश देव ने पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड राज्य प्राप्ति आंदोलन के दौरान जब आंदोलन अपनी चरम सीमा पर था उसे वक्त काली कुमाऊं के तहसील अध्यक्ष के रूप में उनके द्वारा राज्य प्राप्ति आंदोलन में बढ़ चढ़कर हिस्सेदारी की गई थी। देव ने कहा कि वर्ष 1992 में लोहाघाट महाविद्यालय के छात्र संघ उपाध्यक्ष एवं वर्ष 1993 में छात्र संघ अध्यक्ष रहते हुए उत्तराखंड राज्य प्राप्ति आंदोलन में धुआंधार गति से बढ़ चढ़कर छात्रों को साथ में लेकर जबरदस्त आंदोलन किया गया था।यहां तक की संसद घेराव कार्यक्रम में भी हिस्सेदारी की थी। देव ने कहा कि जिस कल्पना से ईमानदारी के साथ हमने राज्य के लिए संघर्ष किया वह आज भी दूर-दूर तक नजर नहीं आ रहा है ।आज भी राज्य में जल,बन शिक्षा तथा रोजगार पर कोई स्पष्ट नीति नहीं बन पाई है तथा उनके मूल भावनाओं को राज्य स्थापना की बुनियाद में शामिल नहीं किया गया है। तथा सरकारों के द्वारा कई वास्तविक आंदोलनकारियो को आंदोलनकारी घोषित नहीं किया गया है। जबकि उत्तराखंड राज्य प्राप्ति आंदोलन में दो महिलाओं सहित 42 लोगों ने अपनी शहादतें दी हैं। देव ने यह भी कहा कि मलाल इस बात का नहीं है उन्हें व अन्य लोगों को राज्य आंदोलनकारी घोषित नहीं किया गया बल्कि इस बात पर आपत्ति है कि जिन लोगों का उत्तराखंड राज्य प्राप्ति आंदोलन में दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं था उन्हें राज्य प्राप्ति आंदोलन का प्रमाण पत्र दिया गया है। रमेश देव ने कहा कि सरकार की रीति नीति से राज्य के वास्तविक आंदोलनकारी अपने आप को अपमानित महसूस कर रहे हैं । उन्होंने सरकार से वास्तविक राज्य आंदोलन कारियो को राज्य आंदोलनकारी का दर्जा देने की मांग की है।

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