Wednesday 1st of April 2026

ब्रेकिंग

टनकपुर:पूर्व शिक्षा मंत्री व गदरपुर विधायक अरविंद पांडे पहुंचे मां पूर्णागिरि दरबार। लिया आशीर्वाद

लोहाघाट में धूमधाम से मनाई गई हनुमान जयंती हनुमान मंदिर में अखंड रामायण पाठ ।

लोहाघाट:पूर्व विधायक पूरन सिंह फर्त्याल ने सीएम से की शिव व मां कढ़ाई मंदिर सौंदर्य करण की मांग

दून:सीएम के निर्देश पर विजिलेंस ने एक लाख की रिश्वत लेते खंड शिक्षा अधिकारी व स्कूल संचालिका गिरफ्तार

शिशु मंदिर /विद्या मंदिर बाराकोट में वार्षिकोत्सव धूमधाम से संपन्न, मेधावी छात्र हुए सम्मानित।

रिपोर्ट :लक्ष्मण बिष्ट : दून:सीएम के निर्देश पर विजिलेंस ने एक लाख की रिश्वत लेते खंड शिक्षा अधिकारी व स्कूल संचालिका गिरफ्तार

Laxman Singh Bisht

Wed, Apr 1, 2026

सीएम के निर्देश पर विजिलेंस ने एक लाख की रिश्वत लेते खंड शिक्षा अधिकारी व स्कूल संचालिका गिरफ्तार

विजिलेंस की बड़ी कार्यवाही

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही जीरो टॉलरेंस नीति का प्रभाव अब स्पष्ट रूप से जमीन पर दिखाई दे रहा है। इसी क्रम में देहरादून जनपद के डोईवाला क्षेत्र में तैनात उप शिक्षा अधिकारी और उनकी महिला सहयोगी को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया जो सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है।इस घटना को केवल एक कार्रवाई के रूप में नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम को साफ और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखा जा रहा है। आरटीई प्रतिपूर्ति जैसे संवेदनशील मामले में रिश्वत की मांग न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों, विशेषकर गरीब बच्चों के अधिकारों के साथ अन्याय भी है।मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है। चाहे अधिकारी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो या मामला किसी भी विभाग से जुड़ा हो, भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने पर बिना किसी दबाव या संरक्षण के सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।प्रदेश में सतर्कता विभाग एवं अन्य जांच एजेंसियों द्वारा लगातार ट्रैप ऑपरेशन संचालित किए जा रहे हैं और शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लिया जा रहा है। दोषियों को रंगे हाथ पकड़कर उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा रही है, जिससे सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही निरंतर सुदृढ़ हो रही है।मुख्यमंत्री ने पूर्व में भी स्पष्ट किया है कि उनकी सरकार केवल नीतियां बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन नीतियों को प्रभावी रूप से धरातल पर लागू करना ही प्राथमिकता है। यही कारण है कि राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई अब तेज और परिणामजनक होती नजर आ रही है।इस प्रकार की सख्त कार्रवाइयों से आम जनता का सरकार और प्रशासन पर विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है। नागरिकों को यह भरोसा मिल रहा है कि उनकी शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई होगी और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा एवं रिश्वत के प्राप्त हो सकेगा।देहरादून की यह घटना इस बात का प्रमाण है कि उत्तराखण्ड में अब भ्रष्टाचार की कीमत चुकानी पड़ रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार एक स्वच्छ, पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन स्थापित करने की दिशा में निरंतर ठोस कदम उठा रही है, जो सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी डोईवाला धनवीर सिंह बिष्ट और पुष्पांजलि स्वामी उत्तरांचल मॉडर्न स्कूल की संचालिका को विजिलेंस ने गंगा वाली जूनियर हाई स्कूल ऋषिकेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत पढ़ने वाले छात्रों की प्रतिपूर्ति के बिलों के भुगतान को पास करने की आवाज में रिश्वत की मांग की गई थी शिकायतकर्ता की सूचना पर सतर्कता अधिष्ठान ने जाल बिछाया और आज टीम में दोनों आरोपियों को रिश्वत की धनराशि लेते हुए रंगे हाथों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है अधिकारियों का कहना है मामले में अग्रिम जांच और कार्रवाई शुरू कर दी गई है फिलहाल आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के लिए भेजा जा रहा है अधिकारियों का कहना है यदि कोई सरकारी अधिकारी आए कर्मचारी किसी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है तो तुरंत सतर्कता अधिष्ठान के टोल फ्री नंबर पर संपर्क करें तथा भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड बनाने में अपना सहयोग दें।

जरूरी खबरें