Wednesday 18th of March 2026

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डीएम चंपावत के सख्त निर्देश: निर्माण कार्यों में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

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रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट : डीएम चंपावत के सख्त निर्देश: निर्माण कार्यों में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

Laxman Singh Bisht

Wed, Mar 18, 2026

डीएम के सख्त निर्देश: निर्माण कार्यों में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

धूल नियंत्रण व सुरक्षा मानकों का कड़ाई से अनुपालन अनिवार्य

टनकपुर में पेयजल परियोजना पर यूयूएसडीए ने दी विस्तृत जानकारी, जनसुविधा व गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता

जनपद चम्पावत में संचालित विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान बुधवार को जिलाधिकारी मनीष कुमार द्वारा दिए गए सख्त निर्देशों के क्रम में उत्तराखण्ड शहरी क्षेत्र विकास एजेंसी (UUSDA) ने टनकपुर नगर क्षेत्र में प्रगति पर चल रही पेयजल आपूर्ति परियोजना के संबंध में अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए सुधारात्मक कार्यवाहियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की है।जिलाधिकारी मनीष कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्यों के दौरान आम जनता को होने वाली किसी भी प्रकार की असुविधा का तत्काल निस्तारण किया जाए तथा सभी कार्य स्थलों पर सुरक्षा, गुणवत्ता एवं पर्यावरणीय मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।इसी क्रम में जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में यूयूएसडीए(UUSDA) द्वारा परियोजना क्षेत्र में विभिन्न सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं, जिससे कार्यों की गुणवत्ता के साथ-साथ जनसुविधा भी सुनिश्चित हो सके। परियोजना के अंतर्गत लगभग 65 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाने, 05 नए नलकूपों के निर्माण तथा 03 आधुनिक जलाशयों की स्थापना का कार्य किया जाना प्रस्तावित है। वर्तमान में पाइपलाइन बिछाने हेतु विभिन्न सड़कों पर खुदाई कार्य प्रगति पर है। विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि पाइपलाइन बिछाने के पश्चात सड़कों को तत्काल पैदल चलने योग्य बनाया जाता है, ताकि आमजन की आवाजाही प्रभावित न हो।इसके उपरांत हाइड्रो-परीक्षण (Leakage Test) एवं घरेलू जल संयोजन (Home Connection) की प्रक्रिया पूर्ण की जाती है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि सड़कों को पूरी तरह पक्का करने से पूर्व उन्हें एक निश्चित अवधि तक प्राकृतिक रूप से सेट होने (Settlement Period) के लिए छोड़ा जाता है, जिससे भविष्य में सड़क धंसने जैसी समस्याओं से बचाव हो सके।स्थानीय नागरिकों द्वारा धूल प्रदूषण एवं सुरक्षा संबंधी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में नियमित रूप से पानी के टैंकरों द्वारा छिड़काव किया जा रहा है तथा वर्तमान शुष्क मौसम को देखते हुए इसकी आवृत्ति को और बढ़ा दिया गया है। जहां भी खुदाई के कारण गहरे गड्ढे उत्पन्न हुए हैं, वहां GSB (Granular Sub-Base) सामग्री डालकर तत्काल मरम्मत की जा रही है, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।विभाग द्वारा मानसून से पूर्व सभी प्रभावित सड़कों की अंतिम बहाली (Final Restoration) सुनिश्चित करने की कार्ययोजना भी तैयार की जा रही है।

परियोजना के सुचारू एवं सुरक्षित संचालन के लिए एक Social and Environmental Safeguard Team तैनात की गई है, जो स्थानीय निवासियों के साथ निरंतर संवाद स्थापित कर रही है तथा वायु गुणवत्ता, ध्वनि स्तर, सुरक्षा मानकों एवं कार्यस्थल की परिस्थितियों की नियमित निगरानी कर रही है, जिससे किसी भी प्रकार की समस्या का समय रहते समाधान किया जा सके।किसी भी समस्या, सुझाव या आपात स्थिति में नागरिक निम्नलिखित अधिकारियों/प्रतिनिधियों से 24x7 संपर्क कर सकते हैं— अभिषेक चौधरी (SKC-TCP JV): +91-7017493366, मोहित पंवार (SKC-TCP JV): +91-8650757449, समीर गुप्ता (कनिष्ठ अभियन्ता, PIU): +91-9674557034, तथा राजीव कुमार (सहायक अभियन्ता, PIU): +91-9719498718।जिलाधिकारी मनीष कुमार ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि निर्माण कार्यों के दौरान होने वाली असुविधाएं अस्थायी एवं अपरिहार्य हैं, किन्तु यह परियोजना भविष्य में टनकपुर नगर की पेयजल समस्या का स्थायी समाधान प्रदान करेगी।

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