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: लोहाघाट: पुणेश्ववर महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि पर दूर-दूर से आए भक्तों ने अपनी मनोकामना के लिए लिया महादेव का आशीर्वाद जगद्गुरु शंकराचार्य ने एक रात्रि किया था विश्राम

Laxman Singh Bisht

Wed, Feb 26, 2025
बाराकोट के पुणेश्ववर महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि पर दूर-दूर से आए भक्तों ने अपनी मनोकामना के लिए लिया महादेव का आशीर्वाद जगद्गुरु शंकराचार्य ने एक रात्रि किया था विश्राम चंपावत जिले के विकासखंड बाराकोट मे प्राचीन पुणेश्ववर महादेव मंदिर मैं आज शिवरात्रि के अवसर पर सैकड़ो भक्तों ने महादेव का दर्शन कर आशीर्वाद लिया सुबह से ही मंदिर में भक्तों का ताता लगा रहा क्षेत्र के ग्रामीणों ने बताया लगभग 20 ग्राम पंचायतों का एकमात्र आस्था का प्रमुख केंद्र है जहां पर बताया जाता है ऋषि शंकराचार्य जी द्वारा यहां पर एक रात का विश्राम किया था इसके बाद उन्होंने इस मंदिर में महादेव की उपासना की थी फिर उनका सफर रामेश्वर घाट होते हुए जागेश्वर तक पहुंचा पुणेश्ववर महादेव मंदिर पिथौरागढ़ एन एच 09 के संतोला में स्थित है यहां यहां हर वर्ष शिवरात्रि के दिन मेला व रात्रि जागरण महिलाओं व पुरुषों द्वारा भजन संध्या के साथ माताएं बहने अपनी-अपनी मनोकामना लेकर आती हैं और वह पूरी भी होती है जो भी भक्त यहां सच्चे मन से बाबा भोलेनाथ के द्वार पर आता है उसकी सभी मनोकामना पूर्ण होती है बाबा के यहां पूरे वर्ष भर अखंड ज्योति जली रहती है जिसमें संतोला व गवीनाड़ा ग्राम पंचायत अपनी-अपनी बारी का इंतजार करती है यहाँ की मान्यता है कि यहां कोई बाबा नहीं टिक पाता पूर्व में यहां छोटे बच्चे जिनकी असमय मौत हो जाया करती थी उन्हें यहां दफनाया जाता था लेकिन अब यह प्रथा बंद हो चुकी है! मान्यता के अनुसार भारत में जितने भी ज्योतिर्लिंग है उनकी एक शाखा पुडेश्वर महादेव मंदिर भी है! गवीनाड़ा के , लगातार पांच बार बनने वाले प्रधान कृष्णानंद तिवारी ने बताया कि क्षेत्र की खुशहाली के लिए यहां आए दिन जनेऊ संस्कार माघ खिचड़ी व, पितृ दोष निवारण भक्त लोग भंडारा देते आते हैं जिससे भक्तों का मनोबल व आस्था इस महादेव मंदिर के लिए काफी प्रचलित है

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