रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट मे मूसलाधार बारिश के बावजूद धरने में डटी रही आंगनबाड़ी कार्यकृतिया यूकेडी का मिला साथ।
Laxman Singh Bisht
Wed, Apr 8, 2026
लोहाघाट मे मूसलाधार बारिश के बावजूद धरने में डटी रही आंगनबाड़ी कार्यकृतिया यूकेडी का मिला साथ।
24 हजार वेतन व सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपए देने की मांग।
चंपावत जिले मे आंगनवाड़ी कार्यकृती संगठन जिला अध्यक्ष मीना बोहरा के नेतृत्व मे अपनी लंबित मांगों को लेकर आज बुधवार को मूसलाधार बारिश के बावजूद आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला रखा ।मानदेय में बढ़ोतरी और राज्य कर्मचारी का दर्जा देने जैसी मांगों को लेकर लोहाघाट ब्लॉक में ब्लॉक अध्यक्ष कविता पंत के नेतृत्व में दूर-दूर क्षेत्र से पहुंची आंगनबाड़ी कार्यकृतियों ने मूसलाधार बारिश के बावजूद लोहाघाट एसडीएम कार्यालय के बाहर जोरदार नारेबाजी करते हुए मांगों को लेकर धरना दिया।उनका साफ कहना है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो यह आंदोलन अनिश्चितकाल के लिए जारी रहेगा। तो वही आंगनबाड़ी कार्यकृतियों के आंदोलन को समर्थन देने के लिए यूकेडी नेता राजेंद्र पुनेठा उर्फ राजू भैया धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मांग को उचित बताते हुए कहा यूकेडी आंगनबाड़ी कार्यकृतियों के आंदोलन को अपना पूरा समर्थन देती है। कहा प्रदेश की भाजपा सरकार कान में उंगली डालकर सोई हुई है भाजपा शासन में जनता व कर्मचारी सभी परेशान है अभियंताओं की हड़ताल के चलते प्रदेश के समस्त विकास कार्य ठप चुके हैं आंगनबाड़ी कार्य कृतियों की सुध तक नहीं ली जा रही है कहां सरकार जल्द से जल्द आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मांगों को पूरा करें। तो वही धरने में मौजूद आंगनबाड़ी कार्य कृतियों ने कहा ने कहा वह लोग लंबे समय से सेवा दे रही समस्त आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की सरकार से पुरजोर मांग है कि उन्हें राज्य कर्मचारी घोषित किया जाए, 24 हजार रुपए मासिक वेतनमान दिया , मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों में भी कार्यभार अधिक होने के कारण समान वेतन की मांग की जा रही है। ब्लाक अध्यक्ष कविता पंत ने बताया कि हम दिन-रात सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारते हैं, लेकिन बदले में हमें बहुत कम मानदेय मिलता है सरकार उनका शोषण कर रही है। हमारी मांग है कि सरकार या तो हमारा मानदेय बढ़ाए या हमें राज्य कर्मचारी का दर्जा दे तथा सेवा निवृत्ति होने पर 10 लाख रुपए की राशि दी जाए। कहा जब तक सरकार उनकी मांगे नहीं मानती है आंदोलन जारी रहेगा। तथा चुनाव संबंधी बीएलओ के कार्य को भी ठप कर देंगे ।उन्होंने कहा सरकार जबरदस्ती उनसे सेनेटरी नैपकिन बेचने का दबाव बना रही है और आंगनबाड़ी केंद्र में बड़ी तादात में सेनेटरी नैपकिन भेज दिए गए हैं जिन्हें कोई खरीदने को तक तैयार नहीं है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा वह लंबे समय से अपनी समस्याओं के समाधान की मांग सरकार से कर रही है पर कोई संज्ञान नहीं लिया जा रहा है।

आंगनबाड़ी कार्य कृतियों ने चेतावनी दी है अगर सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी तो इसका खामियाजा सरकार को 2027 चुनाव में भुगतना पड़ेगा । आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल के चलते जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों पर कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो चुका है। देखने वाली बात है कि क्या सरकार इन 'मातृशक्ति' की पुकार सुनती है या आंदोलन और उग्र रूप धारण करेगा। सभी आंगनबाड़ी कार्यकृतियों ने एक सुर में कहा इस बार सरकार से आर पार की लड़ाई होगी वह सरकार के झांसे में नहीं आने वाली है। आंदोलन में शर्मिला बोहरा ,हेमा कुवर ,बबीता बोहरा, देवकी ,जानकी देवी, पुष्पा बोरा, जानकी पाठक ,मीरा सामंत ,निशा आर्य ,पूजा ,उर्मिला देवी, विमला देवी ,जसू सामंत ,विमला अधिकारी आदि आंगनवाड़ी कार्य कृतिया मौजूद रही।
