रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट से दिल्ली-देहरादून रूट पर किराया निर्धारित करने की उठी मांग, विवाद के बाद परिवहन व्यवस्था पर उठे सवाल
Laxman Singh Bisht
Fri, Jun 12, 2026
लोहाघाट से दिल्ली-देहरादून रूट पर किराया निर्धारित करने की उठी मांग, विवाद के बाद परिवहन व्यवस्था पर उठे सवाल
जनपद चम्पावत में परिवहन व्यवस्था एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। यात्रियों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिले में संचालित कई टैक्सी वाहन, विशेष रूप से दिल्ली-देहरादून रूट पर चलने वाले वाहन, मनमाने तरीके से किराया वसूल रहे हैं। एक ही मार्ग पर अलग-अलग टैक्सी संचालकों द्वारा अलग-अलग किराया लिए जाने से यात्रियों में भारी असंतोष देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि परिवहन विभाग की निष्क्रियता के कारण टैक्सी संचालकों की मनमानी लगातार बढ़ती जा रही है और यात्रियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।स्थानीय नागरिकों के अनुसार दिल्ली और देहरादून जैसे प्रमुख गंतव्यों के लिए यात्रा करने वाले लोगों से कभी भी एक समान किराया नहीं लिया जाता। कई बार यात्रियों को अंतिम समय में अधिक किराया देने के लिए मजबूर किया जाता है। त्योहारों, छुट्टियों और पर्यटन सीजन के दौरान यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है। यात्रियों का कहना है कि किराए को लेकर कोई स्पष्ट और सार्वजनिक व्यवस्था नहीं होने के कारण आम लोगों को भ्रम और आर्थिक नुकसान दोनों झेलने पड़ते हैं।लोगों का आरोप है कि परिवहन विभाग द्वारा समय-समय पर किराया सूची जारी करने और उसका पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी निभाई जानी चाहिए, लेकिन वर्तमान स्थिति में ऐसा होता दिखाई नहीं दे रहा है। कई यात्रियों का कहना है कि यदि विभाग नियमित निरीक्षण और निगरानी करे तो मनमाने किराए की समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।हाल ही में किराए को लेकर हुए एक विवाद ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। जानकारी के अनुसार किराया निर्धारण को लेकर कुछ टैक्सी संचालकों और एक टैक्सी चालक के बीच कहासुनी हो गई, जो बाद में विवाद में बदल गई। आरोप है कि कुछ लोगों द्वारा संबंधित चालक के साथ दुर्व्यवहार भी किया गया। इस घटना के बाद टैक्सी संचालन व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किराए को लेकर स्पष्ट नियम और उनका पालन सुनिश्चित होता तो ऐसी नौबत ही नहीं आती।क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि जिले में परिवहन व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। उनका मानना है कि दिल्ली-देहरादून रूट सहित अन्य प्रमुख मार्गों के लिए अधिकृत किराया सूची सार्वजनिक की जानी चाहिए तथा सभी टैक्सी वाहनों में उसे अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किया जाना चाहिए। इसके साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन संचालकों के खिलाफ कार्रवाई भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।स्थानीय नागरिकों ने यह भी मांग की है कि परिवहन विभाग समय-समय पर विशेष जांच अभियान चलाकर किराया वसूली की स्थिति का निरीक्षण करे। लोगों का कहना है कि यात्री सेवा के नाम पर यदि मनमानी जारी रही तो इससे जिले की छवि पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। विशेष रूप से बाहरी राज्यों और अन्य जिलों से आने वाले यात्रियों के बीच गलत संदेश जाएगा।जनपद चम्पावत पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है। आदि कैलाश, पूर्णागिरि, मायावती, लोहाघाट और एबट माउंट जैसे पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाले हजारों यात्री हर वर्ष जिले से होकर गुजरते हैं। ऐसे में परिवहन व्यवस्था का सुचारु और पारदर्शी होना अत्यंत आवश्यक है। यदि यात्रियों को यात्रा के दौरान किराए और व्यवहार संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा तो इससे जिले की पर्यटन छवि भी प्रभावित हो सकती है।स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी चम्पावत से मामले का संज्ञान लेने की मांग करते हुए कहा है कि परिवहन विभाग को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। साथ ही दिल्ली-देहरादून रूट पर किराया निर्धारित कर उसे सार्वजनिक किया जाए ताकि यात्रियों और वाहन संचालकों दोनों के बीच किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो। लोगों का कहना है कि प्रशासन और परिवहन विभाग की सक्रियता से ही इस समस्या का स्थायी समाधान संभव है।अब देखना यह होगा कि यात्रियों की लगातार उठ रही मांगों और हालिया विवाद के बाद परिवहन विभाग तथा जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। फिलहाल आम जनता एक ऐसी व्यवस्था की उम्मीद कर रही है, जिसमें यात्रियों के हित सुरक्षित हों, किराया पारदर्शी हो और परिवहन सेवाएं नियमों के अनुरूप संचालित हों। मामले का जिलाधिकारी चंपावत मनीष कुमार ने संज्ञान लेते हुए परिवहन विभाग को दिल्ली देहरादून के किराए की जांच के निर्देश दिए हैं।