रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : देहरादून :होम-स्टे योजना में 2 लाख की रिश्वत मांगने के आरोप में जिला पर्यटन अधिकारी निलंबित।
Laxman Singh Bisht
Wed, Jul 1, 2026
देहरादून :होम-स्टे योजना में 2 लाख की रिश्वत मांगने के आरोप में जिला पर्यटन अधिकारी निलंबित।
देहरादून के जिला पर्यटन विकास अधिकारी बृजेन्द्र पांडेय सस्पेंड।
होम-स्टे योजना की अनुदान राशि जारी करने में अनियमितता का आरोप।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय होम-स्टे योजना में कार्रवाई से मचा हड़कंप।
अनुदान वितरण में लापरवाही पर पर्यटन विभाग की सख्त कार्रवाई।
होम-स्टे योजना में गड़बड़ी के आरोप, जिला पर्यटन अधिकारी पर गिरी गाज।
उत्तराखंड सरकार का बड़ा प्रशासनिक एक्शन, पर्यटन अधिकारी निलंबित।
देहरादून मे होम-स्टे पंजीकरण में 2 लाख की रिश्वत मांगने का आरोप, राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने खोला मोर्चा

होम-स्टे पंजीकरण के नाम पर कथित रिश्वतखोरी का एक गंभीर मामला सामने आया है जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने मालसी, देहरादून निवासी मोहम्मद रईस से जिला पर्यटन अधिकारी बृजेंद्र पांडे व पर्यटन विभाग के कर्मचारी फिरोज़ ख़ान द्वारा होम-स्टे पंजीकरण कराने की एवज में 2 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। मामले की शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पोर्टल पर भी दर्ज कराई गई है, जिसकी शिकायत संख्याCMHL-062026-2- 057857 बताई गई है।इन आरोपों को लेकर राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने देहरादून में प्रेस वार्ता आयोजित कर राज्य सरकार और पर्यटन विभाग पर गंभीर सवाल उठाए व पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की थी इसके बाद बृजेंद्र पांडे को निलंबित कर दिया गया है।राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने आरोप लगाया कि पीड़ित मोहम्मद रईस ने "किंग क्वीन" नाम से होम-स्टे पंजीकरण के लिए सभी औपचारिकताएं पूरी कर दी थीं, लेकिन लंबे समय तक उनका पंजीकरण नहीं किया गया। इसके बाद जिला पर्यटन अधिकारी ने कथित रूप से उनसे कहा कि उनके खिलाफ शिकायत आई है और मामला निपटाने के लिए "ऊपर तक" अधिकारियों को पैसा देना पड़ता है। आरोप है कि मोबाइल के कैलकुलेटर पर दो लाख रुपये की राशि लिखकर रिश्वत मांगी गई।राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवप्रसाद सेमवाल का कहना है कि बाद में फिरोज़ ख़ान निरीक्षण के नाम पर रईस के आवास पर पहुंचे और कथित रूप से रिश्वत की मांग दोहराई। उनका आरोप है कि उन्होंने अलग-अलग किश्तों में कुल 1 लाख 90 हजार रुपये दिए, जबकि अंतिम 10 हजार रुपये के लिए भी लगातार दबाव बनाया जाता रहा। उनका यह भी दावा है कि पूरी राशि मिलने के बाद ही उन्हें होम-स्टे का रजिस्टर और पंजीकरण दस्तावेज दिए गए। जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगनी चाही तो उन्हें धमकियां दी गईं। उन्होंने दावा किया कि रिश्वत मांगने, पैसे लेने, बैठकों और अन्य घटनाओं से जुड़े वीडियो एवं ऑडियो साक्ष्य उनके पास सुरक्षित हैं, जिन्हें जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराया जाएगा।