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चम्पावत: मानसून पूर्व तैयारी 6.15 लाख घन मीटर मलवा हटाकर पूरा हुआ नदी चैनलाइजेशन कार्य

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रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट : चम्पावत: मानसून पूर्व तैयारी 6.15 लाख घन मीटर मलवा हटाकर पूरा हुआ नदी चैनलाइजेशन कार्य

Laxman Singh Bisht

Mon, May 11, 2026

चम्पावत मानसून पूर्व तैयारी 6.15 लाख घन मीटर मलवा हटाकर पूरा हुआ नदी चैनलाइजेशन कार्य

भू-कटाव व जलभराव से मिलेगी राहत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन तथा स्व. सूबेदार शेर सिंह धामी की स्मृति में जनभागीदारी, पर्यावरण संरक्षण एवं आपदा न्यूनीकरण के उद्देश्य से जनपद चम्पावत में मानसून पूर्व व्यापक स्तर पर नदी चैनलाइजेशन एवं ड्रेजिंग अभियान किया गया।जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुपालन में 6 अप्रैल से टनकपुर, बनबसा एवं आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष अभियान संचालित किया गया।अभियान के अंतर्गत सिंचाई विभाग द्वारा छीनीगोठ, आनंदपुर, चंदनी, बमनपुरी, पचपकरियां, खेतखेड़ा, अमोड़ी तथा देवीपुरा सहित विभिन्न क्षेत्रों में नदियों का चैनलाइजेशन एवं ड्रेजिंग कार्य युद्धस्तर पर कराया गया।

टनकपुर एवं बनबसा क्षेत्र की हुड्डी, शारदा, किरोड़ा, लधिया सहित अन्य नदियों में बढ़ते भू-कटाव, संभावित बाढ़ तथा जलभराव के खतरे को देखते हुए वन क्षेत्र अंतर्गत सिल्टेशन रोकने और जल निकासी को सुचारु बनाए रखने हेतु विशेष कार्यवाही की गई।अभियान के दौरान मशीनों एवं श्रमिकों की सहायता से नदियों के बहाव को मध्य भाग में केंद्रित किया गया, जिससे नदी किनारों पर दबाव कम होने के साथ-साथ आबादी एवं कृषि भूमि को कटाव से सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।एक माह तक चले इस अभियान में विभिन्न नदियों से लगभग 6 लाख 15 हजार घन मीटर मलवा हटाकर नदी चैनलाइजेशन कार्य किया गया। इससे मानसून के दौरान संभावित बाढ़ के खतरे में कमी आने, जल निकासी व्यवस्था बेहतर होने तथा कृषि भूमि को सुरक्षित रखने में सहायता मिलेगी।

जिलाधिकारी चंपावत मनीष कुमार ने कहा कि आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए समय रहते यह महत्वपूर्ण कार्य कराया गया है, जिससे हुड्डी नदी सहित अन्य नदियों के बढ़ते जलस्तर एवं संभावित आपदा जोखिम को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।यह पहल केवल आपदा न्यूनीकरण तक सीमित ना होकर दीर्घकालिक सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम था, जिसके तहत ‘सारा’ अभियान के अंतर्गत संचालित जल संरक्षण गतिविधियों को भी इस कार्य से मजबूती मिली है। नदी किनारे बसे क्षेत्रों में प्रतिवर्ष मानसून के दौरान जलस्तर बढ़ने से कृषि भूमि का कटाव, तटबंधों पर दबाव एवं आवासीय क्षेत्रों में जलभराव जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न होती रही हैं।

कई बार ग्रामीणों को विस्थापन तक की स्थिति का सामना करना पड़ता है। ऐसे में पूर्ण किए गए नदी चैनलाइजेशन कार्य से स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

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