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रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : चंपावत:डीएम के बाहर से दवा न लिखने के निर्देश के बाद 3 घंटे जिला अस्पताल की ओपीडी रही ठप

Laxman Singh Bisht

Thu, Feb 12, 2026

डीएम के बाहर से दवा न लिखने के निर्देश के बाद 3 घंटे जिला अस्पताल की ओपीडी रही ठप

मरीज परेशान अल्ट्रासाउंड को छोड़ ओपीडी की अधिकांश सेवाओं पर पड़ा असर

चंपावत जिला अस्पताल में बाहर से दवाएं न लिखने को लेकर विवाद,

चिकित्सकों ने जिला अस्पताल में सभी दवाओं की उपलब्धता के बाद काम करने की कही बातचंपावत जिला अस्पताल में आज गुरुवार 12 फरवरी को करीब 3 घंटे तक ओपीडी ठप रही। जिला चिकित्सालय के चिकित्सकों के कार्य बहिष्कार की वजह से ये नौबत आई। ओपीडी बंद होने से मरीजों को काफी दिक्कत झेलनी पड़ी। गतिरोध खत्म होने के बाद डॉक्टर्स फिर से काम पर लौटे और करीब दोपहर 12 बजे बाद ओपीडी सुचारू हो सकी।कल 11 फरवरी को जिलाधिकारी मनीष कुमार के औचक निरीक्षण के दौरान कुछ दवाओं को बाहर से लिखा गया था। इस पर जिलाधिकारी ने बाहर से दवाएं न मंगाने के निर्देश दिए। ताकि गरीब लोगों पर आर्थिक बोझ न पड़े। डीएम के इस आदेश के बाद बाहर से दवाएं न लिखने के निर्देश से संबंधित पत्र जारी किया गया था। इस पत्र के बाद डॉक्टर्स का कहना था कि जिला चिकित्सालय में सभी दवाओं की उपलब्धता के बाद ही वह काम करेंगे। इससे करीब तीन घंटे के लिए ओपीडी का काम प्रभावित हो गया। इस दौरान अल्ट्रासाउंड को छोड़ कर ओपीडी से संबंधित अधिकांश सेवाओं पर असर पड़ा। बाद में डॉक्टर्स को समझाने और डीएम के निर्देश के बाद चिकित्सकों ने ओपीडी का कार्य बहिष्कार वापस लिया गया। ओपीडी ठप होने से चंपावत के अलावा लोहाघाट, बाराकोट और अन्य दूरदराज के इलाकों से आए मरीजों को दुश्वारी हुई। उन्हें फजीहत के साथ लंबा इंतजार करना पड़ा। बा ओपीडी सुचारू होने के बाद मरीजों ने राहत की सांस ली।मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रदीप सिंह बिष्ट ने बताया कि कुछ मिसअंडरस्टेंडिंग के चलते कुछ डॉक्टर्स नाराज थे। डॉक्टर्स का कहना था कि जिम्मेदारी से काम करने के बावजूद उन पर अंगुली उठ रही है। ऐसे में सभी दवाओं के आने पर ही वे काम करेंगे। डॉक्टर्स को समझाने और डीएम के निर्देश के बाद कार्य बहिष्कार वापस ले लिया गया। जिन दवाओं की उपलब्धता नहीं है, अति आवश्यकीय होने पर दवाओं को जेनरिक नाम के साथ बाहर से लिखा जा सकता है। इस संबंध में पत्र जारी कर दिया गया है। इसी के साथ ओपीडी सुचारू हो गई है। स्थानीय लेवल पर खरीद के लिए जिलाधिकारी ने 5 लाख रुपये दिए हैं।मामले में जिलाधिकारी चंपावत मनीष कुमार ने कहा गरीब मरीजों को दवाओं और अन्य चिकित्सकीय जरूरतों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए जिला अस्पताल को 5 लाख रुपये दिए जा रहे हैं। जरूरत होने पर चिकित्सा प्रबंधन समिति के कोष का उपयोग किया जाएगा। अस्पताल में सर्वोत्तम इलाज मिले, यह सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अलावा अस्पताल की पानी की व्यवस्था को ठीक कराया जा रहा है।

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