रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट : चंपावत: अवैध खनन पर सख्ती और राजस्व वादों का अभियान चलाकर निस्तारण करें अधिकारी: डीएम
Laxman Singh Bisht
Fri, Oct 31, 2025
अवैध खनन पर सख्ती और राजस्व वादों का अभियान चलाकर निस्तारण करें अधिकारी: डीएम
डीएम चंपावत मनीष कुमार ने शुक्रवार को जिला कार्यालय सभागार में समस्त उप जिलाधिकारियों , तहसीलदारों और पटल सहायकों के साथ एक महत्वपूर्ण मासिक स्टाफ बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में जिले की कानून व्यवस्था, विभिन्न न्यायालयों में लंबित वादों की स्थिति, राजस्व कार्यों, भू-राजस्व वसूली, अभियोजन कार्यों की जांच, खनन और परिवहन सहित विभिन्न विभागों के कार्यों की गहन समीक्षा की गई तथा उपस्थित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।जिलाधिकारी ने न्यायिक एवं राजस्व कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखते हुए सभी उप जिलाधिकारियों व तहसीलदारों को सख्त निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से अपने-अपने न्यायालयों में बैठें और माह में दर्ज तथा पुराने लंबित राजस्व वादों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर एक अभियान के तहत सुनिश्चित करें। जन कल्याण और पारदर्शिता पर जोर देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि सभी तहसील कार्यालयों में जनता के कार्य समय पर होने चाहिए, और उप जिलाधिकारी सेवा के अधिकार के तहत साप्ताहिक समीक्षा करें। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिया कि सेना भर्ती या अन्य भर्तियों में जा रहे बच्चों के प्रमाण पत्र (Certificates) बनाने में अधिकारी 'एक्स्ट्रा एफर्ट' लगाएं ताकि उनके दस्तावेज त्वरित रूप से तैयार किए जा सकें।
अवैध गतिविधियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को अवैध खनन, ओवरलोडिंग और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने हेतु निर्देशित किया, जिसके लिए लगातार छापामारी और चालानी कार्रवाई जारी रखी जाए। इसके साथ ही, अतिक्रमण रोकने और नशामुक्ति हेतु अपने-अपने परगना क्षेत्र में गांजा व नशीले पौधों के विनष्टीकरण की कार्यवाही सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
राजस्व विभाग के लिए एक विशेष निर्देश जारी करते हुए जिलाधिकारी ने सभी पटवारियों को गांवों में जाकर सार्वजनिक तौर पर खतौनी पढ़कर निर्विवाद विरासतन के मामलों का निस्तारण करने को कहा। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता से फोन के माध्यम से भी वार्ता अवश्य की जाए और आयोग के सभी प्रकरणों का जवाब समय पर प्रेषित किया जाए। इसके अतिरिक्त, आपदा राहत के कार्यों को समय से पूरा करने, मुआवजा राशि को ससमय वितरित करने तथा भू-अभिलेखों व शासकीय अभिलेखों का डिजिटाइजेशन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अंत में, उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए और एसडीएम नियमित रूप से निरीक्षण करें। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक माह अधीनस्थ न्यायालयों में लंबित वादों की समीक्षा की जाएगी और उनका समय से निस्तारण संबंधित मजिस्ट्रेट की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी।बैठक में अपर जिलाधिकारी कृष्णा नाथ गोस्वामी, उप जिलाधिकारी चम्पावत अनुराग आर्य, उप जिलाधिकारी टनकपुर आकाश जोशी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, तहसीलदार और जिला कार्यालय के सभी पटल प्रभारी आदि उपस्थित थे।