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रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : चंपावत:बुजुर्ग दर्शन राम की मदद को आगे आए डीएम चंपावत मनीष कुमार।

Laxman Singh Bisht

Mon, Nov 3, 2025

बुजुर्ग दर्शन राम की मदद को आगे आए डीएम चंपावत मनीष कुमार।

गरीबी एवं परिस्थितयों के कारण जीवन का पल पल भारी पड़ता जा रहा था, दर्शन राम के लिए।

डीएम मनीष कुमार का मिला सहारा मिलने से उसकी आंखें छलछला आई।

एक बेटे की हो चुकी है मौत एक बेटा 16 साल से है लापता घर में है दिव्यांग पत्नी।

जिलाधिकारी ने बुजुर्ग के प्रति संवेदना दिखाते हुए वाहन के जरिए पहुंचाया घर।चंपावत। बाराकोट ब्लॉक के रेगडुं की छन्दा ग्राम सभा के बांस के बुजुर्ग दर्शन राम के लिए जिंदगी का एक एक पल भारी पड़ता जा रहा था। दर्शन के 26 वर्षीय बेटे की गत वर्ष जुलाई माह में जंगल में बकरी चराते हुए ऊपर से भू स्खलन होने के कारण खाई मे गिरने से मौके पर ही मौत हो गई थी। उसे सरकार के आपदा मद से इसलिए कोई मुआवजा नहीं मिला की तत्कालीन क्षेत्रीय पटवारी द्वारा जिला प्रशासन को भेजी गई रिपोर्ट में कहा गया था कि मृतक की मौत का कारण उसका मिर्गी का रोग के कारण खाई में गिरना बताया गया। जवान बेटे के खोने से आहत दर्शन राम का दुःख उस पटवारी की रिपोर्ट ने इतना बड़ा दिया कि वह जीवन से ही निराश हो गया था। एक तरफ दुसरा बेटा 16 साल से लापता है और एक झोपड़ी में रहते हुए दर्शन अपनी दिव्यांग पत्नी के साथ दोनों मौत की इंतजारी में लगे हुए थे। दर्शन राम के शरीर को परिस्थितयों ने इतना झकझोर दिया था कि उसके लिए यह जीवन ही बेकार लगने लगा था। सभी जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों के दरवाजे दर्शन के लिए बंद हो चुके थे।निराश व हताश दर्शन को किसी व्यक्ति ने बताया कि आज कल चम्पावत में ऐसे जिलाधिकारी आए हैं जो गरीबों की सुन कर उनकी मदद कर रहे हैं। हर तरफ से निराश हुए दर्शन राम किसी से कर्ज लेकर वह जन मिलन कार्यक्रम में जिलाधिकारी मनीष कुमार से मिला तथा उन्हें अपनी आप बीती बताईं। दर्शन की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी की मानवीय संवेदनाएं उमड़ पड़ी। उन्होंने दर्शन को उसी वक्त उनके बेटे की मौत के कारणों की दुबारा जांच कराने, उसकी आजिविका चलाने के लिए बकरियां देने तथा मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता देने की संस्तुति कर दी। यही नहीं दर्शन राम को सम्मान जनक ढंग से उसे उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था की। जिसे देखकर बुजुर्ग दर्शन राम के आंसू छलछला आए। जिलाधिकारी की सहृदयता को देख कर वह कुछ समय के लिए अपना दुःख दर्द भूल गया तथा उसकी आंखें आंसूओं से छलछला आई। वह कहने लगा कि जिलाधिकारी उसके लिए ऐसे भगवान निकले जिन्होंने उसके जीवन में खुशियां भर कर भविष्य की उम्मीद बड़ा दी। जन मिलन कार्यक्रम में सभी अधिकारी व फ़रियादी इस नजारे को टकटकी निगाहों से देखते आ रहे थे।यह नजारा उन्हें अतित की ओर ले जा रहा था जब सुदामा अपनी कई उम्मीदों को लेकर अपने सखा भगवान श्रीकृष्ण से मिलने गए थे। जिलाधिकारी ने दर्शन राम को अपने पास बैठा कर उसे जो सम्मान दिया उसे देखकर लोग कहने लगे कि भगवान की लीला अपरम्पार है। भगवान किसी भी रूप में मिल सकते हैं। मालूम हो बुजुर्ग दर्शन राम की मदद को तत्कालीन लोहाघाट की एसडीएम रिंकु बिष्ट आगे आई थी। एसडीएम रिंकु बिष्ट के द्वारा तत्काल वीडिओ बाराकोट कोट को प्रधानमंत्री आवास योजना से बुजुर्ग आवास देने के निर्देश दिए थे। परियोजना निदेशक विम्मी जोशी ने बताया बुजुर्ग के आवास की सर्वे हो चुकी है।वही एडीएम कृष्णनाथ गोस्वामी , सीडीओ डॉक्टर जी एस खाती ने कहा बुजुर्ग दंपति की हर संभव मदद की जाएगी।

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