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रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : चंपावत:उत्तराखंड में 1500 गांव जन विहीन। बड़ी तादात में हुआ है पलायन।

Laxman Singh Bisht

Thu, Dec 4, 2025

उत्तराखंड में 1500 गांव जन विहीन। बड़ी तादात में हुआ है पलायन।उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्र के गांवो से पलायन आज एक बड़ी समस्या बन चुका है। उत्तराखंड पलायन निवारण आयोग उपाध्यक्ष एस 0एस0 नेगी ने माना आज उत्तराखंड के गांवो से पलायन तेजी से हो रहा है ।सरकार के द्वारा पलायन रोकने के प्रयास जारी है। नेगी ने बताया 2011 में हुई जनगणना के मुताबिक 1068 गांव जन शून्य गांव मिले जहां कोई भी व्यक्ति निवास नहीं कर रहा था। उन्होंने बताया उसके बाद पलायन निवारण आयोग के द्वारा फिर से गांवो की सर्वे कराई गई। जिसमें गांव के तोक ज्यादा खाली मिले उन्होंने बताया वर्तमान में 1500 गांव जनविहीन गांव है। जहां से लोग पलायन कर अपने नजदीकी शहर में आ चुके हैं। लेकिन पलायन पर सरकार के द्वारा काफी हद तक रोक लगाई गई है और सरकार प्रयासरत है। पलायन आयोग उपाध्यक्ष ने यह भी माना उत्तराखंड के 16 हजार गावो से पलायन काफी हो चुका है। पलायन रोकने के लिए अभी हमें और ज्यादा प्रयास करने होंगे और किए भी जा रहे हैं। वहीं लोगों का कहना है दुरुस्त गांवो से पलायन रोकने के लिए शिक्षा ,सड़क , चिकित्सा व रोजगार व्यवस्था को मजबूती देनी होगी तथा खेती को जंगली जानवरों के द्वारा काफी नुकसान पहुंचाया जा रहा है इस समस्या का भी प्रमुखता से समाधान सरकार को करना होगा तभी इस समस्या से निजात मिल सकती है। अन्यथा वह दिन दूर नहीं जब गांव के गांव वीरान पड़े नजर आएंगे।

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