रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट : बाराकोट:मछली पालन से नवीन ने बदली तकदीर रिवर्स पलायन का शानदार उदाहरण। युवाओं के लिए बने प्रेरणा स्रोत
मछली पालन से नवीन ने बदली तकदीर रिवर्स पलायन का शानदार उदाहरण। युवाओं के लिए बने प्रेरणा स्रोत
26 जनवरी पर पीएम मोदी कर चुके हैं सम्मानित।
16 तालाबों मे कर रहे है मछली पालन

नवीन कुमार को देख 35 से अधिक लोग कर रहे हैं मत्स्य पालन।
कोरोना काल में दिल्ली से घर लौटे थे नवीन कुमार।

कहते हैं अगर इंसान में कुछ कर गुजरने की ललक हो इरादे मजबूत व हौसले बुलंद हो तो इंसान अपनी मंजिल को पा ही लेता है। इसका जीता जागता उदाहरण है चंपावत जिले के बाराकोट ब्लॉक के ढटी गांव निवासी नवीन कुमार। आज से लगभग 6 वर्ष पूर्व करोना काल में। सभी लोगों की तरह नवीन कुमार भी अपने गांव वापस लौटे। नवीन कुमार 15 साल तक दिल्ली में एक्सपोर्ट लाइन में कार्य किया करते थे। नवीन कुमार ने बताया गांव में सबसे बड़ी समस्या रोजगार की थी ।समस्या के समाधान के लिए उन्होंने गांव में ही स्वरोजगार करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा किसी व्यक्ति के द्वारा उन्हें मत्स्य पालन का सुझाव दिया।इसके बाद वह चंपावत मत्स्य विभाग के कार्यालय में पहुंचे और मत्स्य विभाग के अधिकारियों से मत्स्य पालन तथा सरकार द्वारा मत्स्य पालन के लिए दी जाने वाली सुविधाओं की जानकारी ली।

नवीन कुमार ने कहा मत्स्य विभाग के द्वारा उनकी भरपूर सहायता की तथा मत्स्य विभाग के द्वारा एक मत्स्य तालाब निर्माण उनके गांव में करवाया गया। मत्स्य विभाग के द्वारा उन्हें मछली के बीज उपलब्ध कराए गए। उन्होंने कहा कड़ी मेहनत से वह मत्स्य पालन में जुट गए जिसमें उनके परिजनों ने उनकी भरपूर सहायता की। नवीन कुमार ने कहा एक मत्स्य तालाब से शुरू किया गया कार्य सफल रहा और वर्तमान में वह 16 तालाबों में मत्स्य पालन कर रहे हैं। उन्होंने बताया उनके द्वारा सिल्वर कार्प, कॉमन कार्प,ग्रास कार्प व तिलापिया मछली का उत्पादन किया जाता है। उन्होंने बताया 6 महीने में एक तालाब में 50 से 60 किलो मछली का उत्पादन होता है। 16 तालाबों से प्रतिवर्ष वह 5 से 7 कुंतल मछली बाजारों में 200 से ₹300 प्रति किलो बेचते हैं। नवीन कुमार ने बताया उनके द्वारा क्षेत्र के अन्य युवाओं को भी समूह के माध्यम से मत्स्य पालन के लिए प्रेरित किया गया ।आज 35 से अधिक युवा क्षेत्र में मत्स्य पालन कर रोजगार कर रहे हैं। नवीन कुमार ने कहा अगर हौसले बुलंद हैं तो कुछ भी कार्य असंभव नहीं है ।उन्होंने कहा मत्स्य पालन के साथ-साथ वह सब्जी उत्पादन भी करते हैं उन्होंने क्षेत्र के युवाओं से गांव से पलायन करने के बजाय गांव की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए गांव में ही स्वरोजगार करने की अपील की है। नवीन कुमार को देखते हुए बेडाओड के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मुकेश कुमार के द्वारा भी मत्स्य पालन का कार्य शुरू किया गया आज वह भी 10 तालाब में मत्स्य पालन कर अच्छा रोजगार कर रहे हैं। उन्होंने कहा नवीन कुमार की प्रेरणा से ही वह तथा उनके जैसे 35 से अधिक युवा मत्स्य पालन से जुड़ चुके हैं तथा कई युवा जुड़ने की तैयारी में। नवीन कुमार के इस बेहतरीन कार्य के लिए वर्ष 2025 में 26 जनवरी को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा उन्हें दिल्ली में सम्मानित भी किया गया था।

नवीन कुमार ने कहा वह उत्तराखंड सरकार, चंपावत जिला प्रशासन व मत्स्य विभाग को धन्यवाद देते है जिनके द्वारा समय-समय पर उनकी भरपूर मदद की जाती है। उन्होंने कहा वर्तमान में मत्स्य विभाग के द्वारा300 से 400 रुपए प्रति बैग के हिसाब से मछली का बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा ग्रास कार्प और तिलापिया मछली सबसे ज्यादा फायदेमंद है। लोगों ने कहा नवीन कुमार रिवर्स पलायन के सशक्त उदाहरण हैं जिनको देखकर आज कई युवा मत्स्य पालन के तौर पर रोजगार से जुड़ चुके हैं। लोगों ने कहा मुकेश कुमार युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है।