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रिपोर्ट:जगदीश जोशी : हिमवीरों के जज़्बे को सलाम बर्फ़ीली हवाओं में सीमा की रक्षा कर रहे वीरों का डीजी प्रवीण कुमार ने की हौसला अफ़ज

Laxman Singh Bisht

Fri, Nov 28, 2025

हिमवीरों के जज़्बे कोसलाम बर्फ़ीली हवाओं में सीमा की रक्षा कर रहे वीरों का डीजी प्रवीण कुमार ने की हौसला अफ़ज़ाई

पिथौरागढ़ जिले की चीन सीमा से लगी अंतिम चौकी ‘लीपू लेख’ तक पहुंचे आईटीबीपी महानिदेशक । कठिन हालात में डटे जवानों की सराहना । इस वर्ष 65 हजार श्रद्धालुओं ने किए आदि कैलाश के दर्शन। एक दिसंबर से यात्रा होगी बंद।

हाड़ कंपा देने वाली ठंड में भी हिमवीरों के चेहरे पर मुस्कान—देश के लिए जीते हैं, देश के लिए मर मिटते हैं।लोहाघाट। देश की आन, बान और शान की रक्षा के लिए हर पल तैयार रहने वाले हिमवीरों के हौसले को सलाम करते हुए आईटीबीपी के महानिदेशक (डीजी) प्रवीण कुमार ने उच्च हिमालयी क्षेत्रों का व्यापक दौरा किया। पदभार ग्रहण करने के बाद यह उनका पहला सीमावर्ती दौरा था, जिसमें उन्होंने गुंजी, नावीडांग, कालापानी, कुटी, जौलिंगकांग और चीन सीमा से लगी अंतिम चौकी लीपू लेख तक पहुँचकर सीमा की ताज़ा स्थिति का जायज़ा लिया। डीजी प्रवीण कुमार ने कहा कि “जब पूरा देश चैन की नींद सोता है, तब हिमवीर हाड़ कंपा देने वाली ठंड, बर्फ़ीली हवाओं और विषम भूगोल में देश की रक्षा पंक्ति को मजबूत रखते हैं। इससे बड़ी राष्ट्रसेवा कोई नहीं।” उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात जवानों का हाल-चाल एक परिवार के मुखिया की तरह जाना, उनकी समस्याएँ सुनीं और उनके अदम्य साहस व समर्पण की खुलकर प्रशंसा की। डीजी ने कहा विषम परिस्थितियों में खड़ी दुर्गम पहाड़ियाँ, शून्य से नीचे तापमान, तेज बर्फीली हवाएँ, जोखिम भरी सीमाई पगडंडियाँ इन सबके बीच डटे हिमवीरों की कार्यशैली देखकर डीजी प्रवीण कुमार काफी प्रभावित हुए।उन्होंने कहा कि हिमवीर केवल एक सैनिक नहीं, बल्कि राष्ट्र की मर्यादा और सामर्थ्य का जीवंत प्रतीक हैं। दौरे के दौरान डीजी ने आदि कैलाश और आसपास के मंदिरों में पूजा-अर्चना भी की तथा मानसरोवर व आदि कैलाश तीर्थ यात्रा में सुविधाएँ और बेहतर करने के लिए अधिकारियों से विस्तार से चर्चा की। आदि कैलाश क्षेत्र में तैनात कमांडेंट संजय कुमार ने जानकारी दी कि— वर्ष 2025 में 65 हजार श्रद्धालु आदि कैलाश पधारे। हिमवीर पूरे क्षेत्र में स्थानीय लोगों और यात्रियों की सेवा, सुरक्षा व चिकित्सा व्यवस्था संभालते रहे हैं। डीजी ने सभी सुझावों को शीघ्र क्रियान्वित करने का आश्वासन दिया। सेना में तैनात आईटीबीपी की 7वीं वाहिनी के कमांडेंट प्रमोद यादव ने उन्हें यहां की ताज़ा स्थिति की जानकारी दी। महानिदेशक के दौरे में आईजी संजय गुंज्याल, डीआईजी रवी पंडिता, 7वीं वाहिनी के कमांडेंट प्रमोद यादव एवं 36वीं वाहिनी के कमांडेंट संजय कुमार पूरे समय साथ थे।महामंडलेश्वर पंकज महाराज ने किए आदि कैलाश के दर्शन — बर्फीली हवाओं में किया ध्यान।

लोहाघाट। हिमाचल मंडी से आए विद्वान संत एवं महामंडलेश्वर पंकज जी महाराज ने भी आदि कैलाश के दर्शन किए।उन्होंने देशवासियों तथा सीमा पर डटे हिमवीरों की सुरक्षा, शौर्य और कल्याण के लिए देवाधिदेव महादेव से प्रार्थना की। बर्फीली हवाओं के बीच ध्यानमग्न होकर उन्होंने कहा “हिमवीर साधारण मानव नहीं, यह महामानव हैं। ये स्वयं कष्ट झेलकर राष्ट्र की रक्षा करते हैं।”

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