रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट:कौड़ियों के दाम बिक रहे हैं किसानों के उत्पाद पूर्व सैनिक की सब्जी मंडी खोलने की मांग। मायूस अन्नदाता
Laxman Singh Bisht
Mon, Jun 8, 2026
कौड़ियों के दाम बिक रहे हैं किसानों के उत्पाद पूर्व सैनिक की सब्जी मंडी खोलने की मांग।

दाम न मिलने से किसानों का खेती से हो रहा मोहभंग।

सब्जी मंडी व सुविधाए ना होने से सरकार की योजनाएं नहीं चढ पा रही परवान । किसान मायूस।

आजकल लोहाघाट व चंपावत क्षेत्र के किसान काफी मायूस है क्योंकि उनके द्वारा हाड़ तोड़ मेहनत के बाद तैयार किए गए कृषि उत्पाद बाजार में कौड़ियों के भाव खरीदे जा रहे हैं। कृषि उपज का सही मूल्य न मिलने के कारण किसान काफी मायूस है। लोहाघाट के नई बलाई निवासी पूर्व सैनिक व किसान दीवान सिंह मनराल ने मामले में गहरी नाराजगी जताते हुए कहा सरकारी तंत्र व जनप्रतिनिधियों की बेरुखी के चलते चंपावत जिले के पर्वतीय क्षेत्र के किसान काफी मायूस है उन्होंने कहा लोहाघाट व चंपावत क्षेत्र में सब्जी मंडी ना होने के कारण किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है ।जिस कारण आज किसान अपनी उपज को बाजार तक नहीं ले जा पा रहे हैं। बाजारों में कौड़ियों के भाव उनकी मेहनत को खरीदा जा रहा है। कहा मुख्यमंत्री के जिले चंपावत में किसानों की उपज की बाजार में हो रही फजीहत किसानों का मनोबल तोड़ रही है। पूर्व सैनिक मनराल ने कहा क्षेत्र के किसानों ने 40 से 45 रुपया किलो आलू का बीज खरीदा पर आज बाजारों में आलू को 10 से 12 रुपया किलो के भाव से खरीदा जा रहा है भाड़ा लगाकर यह दाम और कम हो रहे हैं , पहाड़ी प्याज को बाजार में कोई भाव नहीं मिल पा रहा है जबकि अन्य राज्यों का प्याज बाजार में₹40 किलो बिक रहा है।

उन्होंने कहा इसके अलावा पुलम ,आडू, खुमानी, नाशपाती व अन्य मौसमी फलों व सब्जियो को खरीदने के लिए व्यापारी तैयार तक नहीं है खरीद भी रहा है तो कौड़ियों के दामों में ।जबकि मैदानी इलाकों के फल मनमाने दामों में बिक रहे हैं और पार्वती क्षेत्र के किसानों की उपज की फजीहत हो रही है। उन्होंने कहा आज जिले के पर्वतीय क्षेत्र में बकरी पालन कारोबार आधा रह गया है जबकि अन्य राज्यों का मुर्गी पालन खूब फल फूल रहा है। उन्होंने कहा सरकार पर्वतीय क्षेत्र के किसानों के लिए योजनाएं चला रही है पर उन योजनाओं का कोई लाभ नहीं मिल रहा है क्योंकि सब्जी मंडी ना होने से किसानों को उनकी उपज का मूल्य नहीं मिल पा रहा है। जबकि सरकार का दावा है योजनाओं से किसानों की आजीविका में सुधार हो रहा है। कहा जब उत्पादों का मूल्य ही नहीं मिलेगा तो इन योजनाओं का लाभ किसानों को कैसे होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व जिलाधिकारी चंपावत से लोहाघाट क्षेत्र में किसानों को बिचौलियों से बचाने के लिए सब्जी मंडी खोलने की मांग की है।

कहा जब किसानों को उनकी उपज का सही दाम मिलेगा तभी किसान खुशहाल होगा और सरकार की योजनाएं धरातल पर नजर आएगी। कहां किसानों की समस्या की ओर किसी भी जनप्रतिनिधि का ध्यान तक नहीं है। सिर्फ वोट लेने तक जनप्रतिनिधि सीमित रह गए है। उन्होंने कहा अगर यही हाल रहा तो एक दिन पर्वतीय क्षेत्र से खेती किसानी विलुप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा अभी भी किसानों के खेतों में कुंतलों के हिसाब से आलू, पुलम ,खुमानी, आडू , सेव तथा घाटी क्षेत्र मे आम बर्बाद हो रहे है। जिनको किसान कम दामों के चलते बाजार लाने की हिम्मत तक नहीं कर पा रहे हैं। जिस कारण अब पर्वतीय क्षेत्र के किसानों का खेती-बाड़ी से मोहभंग होते जा रहा है युवा वर्ग खेती किसानी की ओर न जाकर अब पलायन करने को मजबूर है। उन्होंने कहा सरकार पर्वतीय क्षेत्र के किसानों की सुध ले और जल्द से जल्द क्षेत्र में किसानों के लिए सब्जी मंडी व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराए। ताकि किसान उत्साहित होकर अपने खेतों में अधिक से अधिक उत्पादन कर सके। कहा पर्वतीय क्षेत्र का किसान जंगली जानवरों व प्राकृतिक आपदाओं से बचाकर किसी तरह अपने उत्पाद कड़ी मेहनत से तैयार करते हैं और अंत में उन्हें सिर्फ मायूसी मिलती है। सरकार व प्रशासन को इस और गंभीरता से सोचना चाहिए। जिला किसान संगठन व क्षेत्र के किसान लंबे समय से लोहाघाट में सब्जी मंडी खोलने की मांग कर रहे हैं।
