Wednesday 1st of July 2026

ब्रेकिंग

लोहाघाट:डीएम ने पशु चिकित्सालय का किया शुभारंभ। एक छत के नीचे पालतू पशुओं को मिलेगी बेहतर चिकित्सा सुविधा।

उत्तराखंड:बाल विकास विभाग में रिक्त पदो पर निकली आंगनबाड़ी कार्यकर्ती व सहायिकाओं की भर्ती।

लोहाघाट:हवन यज्ञ व विशाल भंडारे के साथ ढेरनाथ बाबा मंदिर में शिव महापुराण का हुआ समापन।

पिथौरागढ़:गोदियाल की सभा में हंगामा पूर्व कांग्रेस जिला अध्यक्ष सहित तीन को नोटिस जारी।

चम्पावत के सपूत लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गजेंद्र जोशी को राष्ट्रपति ने परम विशिष्ट सेवा मेडल से किया सम्

सूचना

रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : धारचूला:मांगती हादसे में मृतक के परिजनों का हंगामा, मुआवजे को लेकर तीखी बहस

Laxman Singh Bisht

Thu, Mar 19, 2026

मांगती हादसे में मृतक के परिजनों का हंगामा, मुआवजे को लेकर तीखी बहस

धारचूला। मांगती क्षेत्र में हुए दर्दनाक हादसे के बाद मृतक ऑपरेटर मनीष चुफाल के परिजनों ने गुरुवार को जोरदार हंगामा किया। परिजनों और सारथी कम्पनी के प्रबंधक के बीच मुआवजे को लेकर तीखी बहस भी हुई।गौरतलब है कि सारथी कम्पनी द्वारा सड़क निर्माण कार्य के दौरान कल कार्यस्थल पर एक एक्सकैवेटर के ऊपर अचानक चट्टान दरक गई थी, जिसमें 32 वर्षीय ऑपरेटर मनीष चुफाल की दबकर मौके पर ही मृत्यु हो गई थी।आज पोस्टमार्टम के दौरान धारचूला में करीब दो घंटे तक बवाल की स्थिति बनी रही। आरोप है कि कंपनी शुरू में मुआवजा देने से मुकर रही थी, जिससे आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा और कड़ी मशक्कत के बाद मामला शांत कराया गया।काफी खींचतान और बहस के बाद अंततः कंपनी प्रबंधन ने 6 लाख रुपये मुआवजा देने पर सहमति जताई, जिसके बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई आगे बढ़ सकी।थाना प्रभारी हरेंद्र नेगी ने मौके पर मौजूद लोगों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। मृतक मनीष चुफाल तल्ला जोहार, मुनस्यारी के निवासी थे और अपने पीछे माता-पिता व एक छोटे भाई को छोड़ गए हैं। परिजनों के अनुसार, उनके विवाह की तैयारियां भी जल्द होने वाली थीं।स्थानीय दीपू चुफाल व अन्य लोगों ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि धारचूला क्षेत्र में इस तरह के हादसे लगातार हो रहे हैं। निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें श्रमिकों की जान जा चुकी है।लोगों ने प्रशासन से निर्माण कार्यों की सख्त निगरानी, सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराने और दोषी कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।वहीं कंपनिया एक जान की किमत छ: लाख रूपये देती है वह भी बड़ी मुश्किल से।

जरूरी खबरें