रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : चंपावत:राजस्व लोक अदालत से मिली राहत: चम्पावत में आपसी सुलह से त्वरित निस्तारण
Laxman Singh Bisht
Sat, Mar 28, 2026
राजस्व लोक अदालत से मिली राहत: चम्पावत में आपसी सुलह से त्वरित निस्तारण

जनपद की सभी तहसीलों में राजस्व लोक अदालत का सफल आयोजन, आपसी सुलह से त्वरित निस्तारण पर जोर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुपालन में शनिवार को जनपद चम्पावत की समस्त तहसीलों में ‘राजस्व लोक अदालत’ का आयोजन किया गया। इस पहल का उद्देश्य न्यायालयों में लंबित पुराने मामलों का शीघ्र निस्तारण करते हुए आमजन को त्वरित एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराना था। इस विशेष अभियान के अंतर्गत तहसीलदार, उपजिलाधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी न्यायालयों में सुनवाई करते हुए आपसी सुलह एवं सहमति के आधार पर मामलों का निस्तारण किया गया। जनपद में कुल 80 से अधिक राजस्व वादों पर सुनवाई हुई, जिनमें अधिकांश मामलों का समाधान आपसी समझौते से किया गया।तहसील स्तर पर चम्पावत में 6 में से 6, लोहाघाट में 6 में से 4, पूर्णागिरि में 5 तथा पाटी में 2 में से 2 वादों का निस्तारण किया गया।

वहीं उपजिलाधिकारी न्यायालयों में चम्पावत में 7 के सापेक्ष 11, लोहाघाट में 14 में से 13, पूर्णागिरि में 7 में से 7 तथा पाटी में 2 में से 1 वाद का निस्तारण हुआ। अपर जिलाधिकारी न्यायालय में भी 3 में से 2 वादों का सफल निस्तारण किया गया।जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि जनपद के सभी विकासखंडों को ‘राजस्व वाद मुक्त’ बनाने की दिशा में प्रशासन प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने लंबित राजस्व मामलों का निस्तारण आपसी सुलह एवं समझौते के माध्यम से कराएं। लोक अदालत न केवल समय एवं धन की बचत करती है, बल्कि सामाजिक सौहार्द को भी सुदृढ़ बनाती है।

