रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : 6 साल की बच्ची के रेप और मर्डर में कोर्ट ने मात्र 56 दिनों में आरोपी को सुनाई मौत की सजा
Laxman Singh Bisht
Sat, Feb 14, 2026
6 साल की बच्ची के रेप और मर्डर में कोर्ट ने मात्र 56 दिनों में आरोपी को सुनाई मौत की सजा
बांदा ज़िले की एक स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने अपनी ज़िम्मेदारी और पक्के इरादे का मज़बूत सबूत दिखाते हुए, छह साल की बच्ची के रेप और मर्डर के लिए 24 साल के आरोपी को मौत की सज़ा सुनाई है। इस जुर्म को “रेयरेस्ट ऑफ़ द रेयर” कैटेगरी में रखा गया है। इस फ़ैसले ने न सिर्फ़ सज़ा की सख़्ती की वजह से, बल्कि जिस तेज़ी से इंसाफ़ हुआ, उसकी वजह से भी पूरे देश का ध्यान अपनी और खींचा है। तथा कानून की ताकत दिखाइ है। इस जघन्य मामले का ट्रायल सिर्फ़ 56 दिनों में पूरा हो गया, जिससे यह साफ़ मैसेज गया कि बच्चों के ख़िलाफ़ होने वाले जुर्म बिना हल हुए नहीं खिंचने दिए जाएँगे। 46 पेज के डिटेल्ड फ़ैसले में, कोर्ट ने कहा इस काम को अमानवीय, बर्बर और सही नहीं ठहराया जा सकता, और मज़बूती से कहा कि ऐसे जुर्मों की सभ्य समाज में कोई जगह नहीं है।फ़ैसले में इस बात पर ज़ोर दिया गया कि समाज की समझ को दिखाने और बेगुनाह जान गंवाने वालों को इंसाफ़ दिलाने के लिए कानून के तहत सबसे सख़्त सज़ा देना ज़रूरी है। कई लोग इस फ़ैसले को एक मज़बूत रोकथाम के तौर पर देखते हैं, जो नाबालिगों के ख़िलाफ़ अपराधों के प्रति ज़ीरो-टॉलरेंस के रुख को मज़बूत करता है।हालांकि कोई भी फ़ैसला इस दुखद घटना को पलट नहीं सकता, लेकिन यह फ़ैसला एक याद दिलाता है कि कानून का राज कायम रहेगा और बच्चों की सुरक्षा और इज़्ज़त नैतिक और कानूनी दोनों तरह से प्राथमिकता बनी रहेगी।
